Book Title: Ardhamagadhi kosha Part 2
Author(s): Ratnachandra Maharaj
Publisher: Motilal Banarasidas

View full book text
Previous | Next

Page 896
________________ इत्त] (८५४ ) [ठवणा उ. ठहत्त. त्रि. (स्थापित ) साधु माशे त्यारे | ठवक. पुं० (स्थापक) स्थापन ४२ना२. स्थापन यापशु सेम धारी २थापा राणेj; साधुस करने वाला. (One ) who fixes, रागवा यो२५ ४१ नामनाष पाj. साधु | sets or places. नाया. १८; श्रावेंगे तब देंगे ऐसा सोच कर रक्खा हुआ; | ठवण. न. (स्थापन ) स्थापन ४२; भु. साधु को टालने योग्य ठवणा नामक दोष __ स्थापन करना; रखना. Setting; placवाला. Kept, reserved with a ing; fixing. पिं० नि० भा• २४; view to be given to an ascetic -- कुल. न० (-कुल ) भीक्षायरने माटे when he might come; ( this आहा थापा भु तेस. भिक्षाचर sort of food etc. is to be avoid- के लिये माहारादिक रख छोडे वह. ed by a Sadhu ). ओव० ४, reserving food etc. for Sädhus ठड्य. त्रि. ( स्थगित ) मुं. ढांका हुआ; begging alms. निसी०४,२८; -जिण. Covered. " पिहियंतु फलादिया पुं० (-जिन ) १२तुभ लिन ६५ना ठइयं " पंचा० १३, २७, ४२ ते. किसी वस्तुमें जिन की कल्पना ठंडिल. न. ( स्थंडिल ) 4लिस-हिशामे करना. imagining Jina in any पानी भूमि. थंडिल-तही जाने की भूमि. particular object. प्रव. ८७; -पु. A ground for answering & रिस. पुं० (-पुरुष) ५३५ २ t . call of nature on. नाया. १६; पुरुष की स्थापना. setting or esta. ठगिय. त्रि.( * ) छेसरायेना; गाये. blishinent by or of a person. ठगाया हुआ; धोका खाया हुभा. Deceiv. ठा. ३,१: -लोग. पुं० (-लोक) याह ed; cheated. सु. च० ४, २८८; यानी स्थापना. चौदह राजलोक की ठप्प. त्रि. (स्थाप्य ) श्या५योय; से स्थापना. establishment of the 14 मा भु ॥ यो५. स्थापने योग्य; एक Rijalokas. ठा० ३, २; तरफ रखने योग्य. Worthy of being ठपणा. श्री. ( स्थापना ) साली निव fixed or kept in some place. વસ્તુમાં તેના જેવા આકારવાલી બીજી વસ્તુની पिं. नि. २१८; अणुजो० ७२; १३४; मग. ४६५ना ४२वी ते; स्थापना निक्षेपो. जीववाली १५, १; (२) व्यवहार ४२३॥ योग्य नहीं या निर्जीव वस्तु में उसके जैसी मिन श्राकार અસંવ્યવહાર્યા; લેકેના વ્યવહારમાં અનુ- वाली अन्य वस्तुकी कल्पनाका करना; स्थापना पयोगी. व्यवहार करने में अयोग्य; असंव्यव- निक्षेप. Iinagining of one thing हार्य; लोगों के व्यवहार में अनुपयोगी. un- in another; animate or inaniworthy of practical purposes. inate which is similar in अणुजो• 3; form imagining one thing to * तुम। पृष्ट १२ १५ ना ५८नोट (*) देखो पृष्ठ नम्बर १५ की फुटनोट (*). Vide foot-note (*) p. 15th. Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

Loading...

Page Navigation
1 ... 894 895 896 897 898 899 900 901 902 903 904 905 906 907 908 909 910 911 912 913 914 915 916 917 918 919 920 921 922 923 924 925 926 927 928 929 930 931 932 933 934 935 936 937 938 939 940 941 942 943 944 945 946 947 948 949 950 951 952 953 954 955 956 957 958 959 960 961 962 963 964 965 966 967 968 969 970 971 972 973 974 975 976 977 978 979 980 981 982 983 984 985 986 987 988 989 990 991 992 993 994 995 996 997 998 999 1000 1001 1002 1003 1004 1005 1006 1007 1008 1009 1010 1011 1012 1013 1014 1015 1016