Book Title: Anusandhan 2005 06 SrNo 32
Author(s): Shilchandrasuri
Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad
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अनसन्धान ३२
कडी क्र.
चरण क्र.
दंधै
• 0 17 3
ง *
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सुगणबत्तीसी-शब्दकोश शब्द
अर्थ
धंधामां थी-'
स्त्री-पत्नी हेर्यो हाथ कर्यु-कबजे कर्यु घाठडी मक्काई-छाशनी वानगी मो भेलो मारी भेगो मिणीयो मपाएं (आंगणा सुधी
जवू अशक्य) अणपारै अपार/घणां सुरंभ सुरभि-सुगंध सुरसुं
सूर सहित के सूर उपरथी क्रम
कर्म सरदहणा
सद्दहणा-श्रद्धा निसतारों निस्तार करो । तरी जाव बारोडी बारी पासे/ बारणे पैठ
रीत (?) नाज
(?) ओखाणो ऊखाणुं निकमां
नकामुं / व्यर्थ दरमाटी दरनी माटी
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