Book Title: 20 Vi Shatabdi Ke Jain Manishiyo Ka Yogdan
Author(s): Narendrasinh Rajput
Publisher: Gyansagar Vagarth Vimarsh Kendra Byavar

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Page 296
________________ 275 209. (अ) जयोदय, 3/54-57 (ब) वीरोदय 8/37 तता 89 पद्य (स) सुदर्शनोदय 4/ 15-16 पद्य एवं छठवाँ पद्य (द) श्री समुद्रदत्त चरित्र 3/29/32 (इ) दयोदय 1/ 12-14 तथा 1/4 (फ) सम्यक्त्वसार शतकम् पद्य 96 210. सुदर्शनोदय 8/10/147 211. जयोदय 3/38 एवं 92 तथा 6/36 एवं 118 तथा 7/35 से 43 और 9/11 से 49 पद्य 212. सुदर्शनोदय 3/37 213. श्रीसमुद्रदत्त चरित्र 3/3-14 पद्य 214. दयोदय चम्पू, 7/2 पद्य से 9 तक 215. जयोदय 3/51. ..... 216, निरञ्जन शतकम् पद्य 9 217. निरञ्जन शतकम्, पद्य 19 218. निरञ्जन शतकम्, पद्य 90 219. भावना शतकम् पद्य 30 220. श्रमण शतकम् पद्य 36 221. सुनीतिशतकम् पद्य 20 222. ज्ञानोदय (परीषह जय शतकम्) पद्य 10 223. ज्ञानोदय पद्य 18 224. ज्ञानोदय पद्य 33 225. ज्ञानोदय पद्य 36 226. ज्ञानोदय पद्य 38 227. ज्ञानोदय पद्य 39 ज्ञानोदय पद्य 71 229. ज्ञानोदय पद्य 71 230. छन्दोमञ्जरी पृष्ठ 53-54 231. निरञ्जन शतकम् पद्य 45 छन्दोमञ्जरी पृष्ठ 72-73 233. निरञ्जन शतकम् पद्य 42 234. काव्यशास्त्र दीपिका,सम्पादक डॉ.विश्वनाथ भट्टाचार्य एवं मिश्र प्रकाशक रामनारायणलाल बेनीमाधव, इलाहाबाद पृष्ठ 69-70 235. निरञ्जन शतकम् पद्य 100 236. काव्यशास्त्र दीपिका, सम्पादक डॉ.विश्वनाथ भट्टाचार्य एवं मिश्र, प्रकाशक रामनारायणलाल बेनीमाधव, इलाहाबाद, 1978, पृष्ठ 69-70 237. भावनाशतकम् पद्य 8 238. मुरजबन्द चित्रालङ्कार का एक भेद है । इसकी आकृति मुरज के आकार की हो जाती है, इसलिए इसका यह नाम सार्थक है । 239. काव्यशास्त्र दीपिका पृष्ठ 62 240. भावना शतकम्, टीकाकार डॉ. पन्नालाल साहित्याचार्य, प्रकाशक निर्ग्रन्थ साहित्य प्रकाशन समिति, कलकत्ता, प्रथम संस्करण 1979 पद्य 10 241. छन्दोमञ्जरी पृष्ठ 72 228. 232.

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