Book Title: 20 Vi Shatabdi Ke Jain Manishiyo Ka Yogdan
Author(s): Narendrasinh Rajput
Publisher: Gyansagar Vagarth Vimarsh Kendra Byavar

View full book text
Previous | Next

Page 295
________________ 274 172. वही 17/142 173. वही 18/100 174. वही 19/120 175. वही 20/19 176. वही 21/97 177. वही 22/91 178. वही 23/97 179. वही 24/148 180. वही 25/80 181. वही 26/107 182. वही 27/66 183. वही 28/71 184. वही 14/99 185. जयोदय, 2/70/9186. दयोदय, 3/4/57 187. दयोदय, 4/27/84 188. सुदर्शनोदय 7/5/124 189. साहित्य दर्पण - 9/2 का उत्तरार्द्ध एवं 3 का पूर्वार्ध । 190. - साहित्य दर्पण, 9/3 का उत्तरार्द्ध 4 के पूर्वार्ध का अर्द्धभाग । 191. साहित्य दर्पण, 9/4 जयोदय 6/103-104/316-317 193. सुदर्शनोदय, 3/41/58 . . 194. जयोदय 3/23-92 195. सुदर्शनोदय 6/3-14 196. श्रीसमुद्रदत्त चरित्र 3/2-14 197. दयोदय 2/पद्य 13 के पूर्व के गद्यभाग से 22 पद्य के बाद के गद्य भाग तक 198. दयोदय, 7/1 पद्य के बाद से 124 पृष्ठ पर 199. वीरोदय 7/10-11 200. जयोदय 11/1-36 201. वीरोदय, 6/29 एवं 4/10 202. श्रीसमुद्रदत्त चरित्र 6/3-4/61-62 203. सुदर्शनोदय, 2/5-6 तथा 2/43 204, दयोदय चम्पू 7/23 205. सम्यक्त्वसार शतकम् पद्य 28. 206. जयोदय 24/51-52 पद्य । 207. (अ) जयोदय 8/5 से 15 (ब) वीरोदय 2/46 तथा 7/31 (स) श्रीसमुद्रदत्त चरित्र 2/2/13 (द) सुदर्शनोदय 7/31 (स) श्रीसमुद्रदत्तचरित्र 2/2/13 (द) सुदर्शनोदय 7/31 पद्य | 208. श्रीसमुद्रदत्त चरित्र 3/33/34 192.

Loading...

Page Navigation
1 ... 293 294 295 296 297 298 299 300 301 302 303 304 305 306 307 308 309 310 311 312 313 314 315 316 317 318 319 320 321 322 323 324 325 326