Book Title: Rajasthan ke Jain Shastra Bhandaronki Granth Soochi Part 5
Author(s): Kasturchand Kasliwal, Anupchand
Publisher: Prabandh Karini Committee Jaipur
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१३०४ ]
[ ग्रंथ एवं ग्रंथकार
ग्रंथकार का नाम ग्रंथ नाम प्रथ सूची ग्रंथकार का नाम नथ नाम ग्रंथ सूची पत्र से
पत्र सं० देवसिद्ध पूजा ११७६ उदयकीति -- निर्वाण काण्ड गाथा व म्हवरण विधि सं० ५३८
पूजा प्रासं. ८४१ नित्यपूजा पाठ सं. ८३९ उदयसरि --- देव परीषद चौपई हि पुण्याहवाचन सं० २६४ . पूजा विधान सं० ८७६ उक्य रतन- स्थूल भद्रनुरास हि० ६४८ प्रतिष्ठा पाठ सं० ८८८
स्थूल भद्र ससोहि प्रतिष्ठा विधि सं० EES प्रतिष्ठा सारोद्धार सं० उदय सागर सूरि- शान्तिनाथ स्तवन हि०
९० शान्तिपुराण सं० ३०० उपाध्याय व्योमरस - दान्ति होम विधान सं सरस्वती स्तुति सं०७६५
११७१ उमास्वामी- तत्वार्थसूत्र सं० ४४ सिद्धि प्रिय स्तोत्र टीका
४५,४५,४८,४६,५०,१६६, सं० ७६८
६५३, ६५७. १५८, ६६१, स्त्रोत्र चतुष्टय टीका रा.
१००७. १०१६, १०२२, सागारधर्मामत सं.
१०३२, १०३५, १०६६,
१०७२, १०७४, १०७८, शान्ति होम विशाल संग
१०८२, १०८८ १०९७, सिद्ध चक्र पूजा सं० ६११ होम विधान १३८
११२२, ११३६, ११५४, इन्द्रचन्द्र-- पद सं० १०४८ इन्द्रजीतरसिक प्रिया हि० ६२८,
उमास्वामो
भावकाचार हि० १६६ ऊदौ
सनत्कुमार रास हि.. इन्द्रमन्दि
ग्रंकुगरोपण विधि (१८९ इन्द्रनाद नीति सार सं० भ० एकसन्धि -- जिन संहिता सं०१५
६८२,६७ प्रोसेरीलाल- दशलक्षसा कया हि० १६१ पपावती देव पल्प मंडल ऋषभदास- असूनन्दि थावकाचार भाषा पूजा सं० ८६० सभाभूषण सं. १
सजनचित्त वल्लभ भाषा इलायुधकविरहस्य रां० ११७६
हि. ६६४ ईसर
द्वादशानुप्रेक्षा हि ६५१ ऋषभदास- पात्रु जय तीर्थ स्तुति हि उवय
पंचमी स्तोत्र हि० ७३७
६४४
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