Book Title: Laghu Siddhant Kaumudi Part 01
Author(s): Vishvanath Shastri, Nigamanand Shastri, Lakshminarayan Shastri
Publisher: Motilal Banrassidas Pvt Ltd

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Page 416
________________ भाषार्थः परिशिष्टम् ३९५ प्रयोगाः भाषार्थः । प्रयोगाः सूत्राङ्काः १००१ सू० १००६ गर्गा:-गर्ग गोत्रवाले। औपगवः-उपगु का पुत्र ( उद्धव )। वत्सा:-वत्स गोत्रवाले। स० १००५ स० १०१० गाग्यः-गर्ग का गोत्रापत्य । गाायणः-गर्ग का युवापत्य । वात्स्य:-वत्स का गोत्रापत्य । दाक्षायण:-दन का युवापत्य । इतिसाधारणतद्धिताः। अथापत्याधिक रः सू०१०११ षाएमातुरः-छः माताओं का पत्र दाधिः-दक्ष का अपत्य । ( कार्तिकेय) स० १०१२ साम्मातुरः-सती का पुत्र । बाहविः-बाहु का अपत्य । भाद्रमातुरः-, औडुलोमिः-उडुलोमा का अपत्य । स० १०१७ उडुलोमाः-उडुलोमा के बहुत से अपत्य । | वैनतेयः-विनता का पुत्र (गरुड़)। सू०१०१३ स. १०१८ बैदः-बिद का गोत्रापत्य । कानीनः-कन्या का पुत्र । पौत्रः-पुत्र का अपत्य । सू०१०२० सू० १०१४ राजन्यः-क्षत्रिय। शैवः-शिवपुत्र । श्वशुर्यः-श्वशुर का पुत्र (साला । गाङ्गः- गङ्गापुत्र (भीष्म )। स० १०२१ सू० १.१५ राजनः राजा का पुत्र । वासिष्ठः-वसिष्ठ का पुत्र । सू०१०२२ वैश्वामित्रः-विश्वामित्र का पुत्र । क्षत्रियः-क्षत्रिय जाति । श्वाफल्क:-श्वफल्क का पुत्र (अक्र र ) सूत्राङ्काः १०२४ वासुदेवः-वसुदेव के पुत्र ( श्रीकृष्ण)। रैवत्कः-रेवती का पुत्र । नाकुलः-नकुल का पुत्र । सूत्राङ्काः १०२५ साहदेवः-सहदेव का पुत्र । पाञ्चालः-पाञ्चाल राजकुमार । स०१०११ | पौरवः-पुरु का पुत्र । द्वैमातुरः-दो माताओं का पुत्र (गणेश)। । पाण्ड्यः -पाड्य राजपुत्र ।

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