Book Title: Agamsaroddhar
Author(s): Devchandramuni
Publisher: Adhyatma Gyan Prasarak Mandal
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अध्यात्मगीता,
अविनाशी एटले अविनाशी कहतां म्हारो कोई काले नाशपणो नथी २५. __अजरा. एटले अजरा कहता हूं जरा { रहित छ् २६. ___ अनादि. एटले अनादि कहतां म्हारी आदि नर्थः २७.
अनंत. एटले अनंत कहतां म्हारो कोई काले अंत कहतां छेडो पिण नथी २८. ___अक्षय. एटले अक्षय कहतां म्हारो कोई काले क्षय नथी २१.
अक्षर एटले अक्षर कहता हूं कोई काले खरूं नहीं ३७.
___ अचल. एटले अचल कहता हूं कोई काले स्वरूप सूं चलूं नहीं ३१.
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