Book Title: Aagam Sambandhi Saahitya 03 Aagam Sootradi Akaaraadi
Author(s): Anandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Param Anand Shwe Mu Pu Jain Sangh Paldi Ahmedabad

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Page 357
________________ आगम संबंधी साहित्य [भाग-3] नन्दी-आदि-सप्तसूत्राणि-गाथा-अकारादि [ न-कार + प-कार] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण पुन: संकलित: नन्दी-आदि गाथा-अकारादिः (आगम-संबंधी-साहित्य) प्रत र२५* सूत्रांक यहां देखीए . दीप क्रमांक के लिए देखीए नेगर्म० भाणुलो०कि संखेजइ०२ ८४ नो इत्थीक कह कहिचा नो रक्खसौमु गिल्होजा नेगम आणु लोगस्स किं । ३ नो इत्थीहिं सद्धिं संनि० . ५ नो विभूसाणुवाई. नेगमववहाराणं आणु० २ ८१ नो इंदियऽग्गिज्य अमुत्त० . ४५९* नो सक्कियमिच्छई न पूर्व नेगमस्स णं एगो २ १४ नोउवगरणे जा सा १३६७ नो सहरूवरसगंध नगगिपरंपरपरिसाडि ४ ३२ नोकम्मदब्बकम्म ५३२ नोसन्नाकरणं पुण नेच्छह तमिसंमि तओ६ ३०१ नोकम्मव्वलेसा पओग०७ ५४५ नोसुअकरणं दुविहं नेमिओ पाखजिणो३ १७प्र० नोकम्मे दब्वाई। .. ५३५ नोसुअपञ्चक्खाणं । नेण्यतिरिक्सा . १२७८ नो कयपचक्खाणो ३ १६७८ नोसुयकरणं दुविहं हानेरइयतिरियमणुया ३ ६६४ नोधरंतरऽणेगविहं ३३४ पइखुट्टएण पगर्य नेश्य देव तित्थंकरा य १ ५७ नो तिविहं तिविहेणं १६७९ पठाणे नागवसू नेरइया सत्तविहा ७ १५२९ नो निग्गन्धे इत्थीर्ण . पइण्णवाई दुहिले नेव पल्हत्वियं कुजा १९ नो निग्गथे पुन्वरयं ८ परिकमुवस्सवं लर्बु सूनो अइमायाए पाणभोयणं . १० नो पणीय आहार ९ पउमप्पहनामाओ मो इत्थीण इंदियाई . ६ नोमाउगपि दुविहं १७१ पउमस्स कुमार , ACCA%A9c4 २४६+ २०४ orm are ७१* 'सवृत्तिक आगम ७(प्र०) २८२ ११ नद्या- ३ सुल्ताणि ~357

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