Book Title: Shrutsagar Ank 2013 03 026
Author(s): Mukeshbhai N Shah and Others
Publisher: Acharya Kailassagarsuri Gyanmandir Koba

View full book text
Previous | Next

Page 13
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir श्रुतसागर - २६ ११ _ वि. सं. १६८१ना जेठ मासना रविवारे वैराटपुरमा ३६२ कडी अने १६ ढालमां, खंभातना ओशवालवंशीय श्रेष्ठी साह नागजीना बोध माटे कयवन्नारासनी रचना करी, ए ज वर्षना आसो सुदमां सुदर्शन-रासनी रचना करी, आ कृतिनी रचना प्रशस्तिमा कविए पोताना वडिल गुरुबंधु भावशेखरनो नामोल्लेख करी एमना प्रत्ये पोतानो आदर-भाव व्यक्त कर्यो छे. _ वि. सं. १६८९ना पोष सुदि १३ने शुक्रवारे नवानगर (जामनगर)मां चंद्रलेखा चोपाईनी रचना करी, आ समयगाळा दरम्यान एमणे शांतिजिन बाल्यावस्था गीतनी रचना करी. वि. सं. १६९२मां भादरवा वदि ७ ना रविवारे राजनगरमा आत्मप्रतिबोध उपर त्रण मित्र कथा-चोपाईनी रचना करी, आ रचनानी प्रशस्तिमां कविए आचार्य कल्याणसागरसूरि महाराज माटे जंगम-युगप्रधाननु बिरुद दर्शाव्युं छे, तेमज राजनगर-अमदावादना निवासी पारेख पासवीरनो गुरु-जनो प्रत्येनो आदर भाव जोई एना नामनो उल्लेख कर्यानुं जणाव्युं छे. वि. सं. १६९४ना कारतक वद- ११ने गुरुवारे भीनमालथी उत्तर दिशा तरफ सोळ कोश दूर मोर नामना गाममा अजितनाथ भगवानना सांनिध्यमां गुरुमहाराज विवेकशेखर अने वडिल गुरुबंधु भावशेखरनी निश्रामा रही चंदराजा रासनी रचना करी, तेमज गौतमस्वामी लघु रास अने ज्ञाताधर्मकथांगसूत्र पर बालावबोधनी रचना करी, आ सिवाय पण विजयशेखर महाराजे ७५५ कडीना यशोधर रासनी रचना करी हती. _ वि. सं. १६९६ पोस सुदि ६ने शुक्रवारे वाक्पताका (प्रायः आजनुं वक्तापुर ईडर पासे) नामना नगरमां गणि विजयशेखर महाराजे समकित स्तवननो बालावबोध लख्यो, तेमज वि. सं. १६७१ मां प्रहसन-नाटकनी प्रत लखी. वि. सं. १७०७मां महा वद-९ना दिवसे भीनमालमां ३ खंडमां ७७५ कडीमां ऋषिदत्ता रासनी रचना करी. विजयशेखरनो शिष्य-परिवार : विजयशेखर महाराजना शिष्य संबंधी विशेष कोई माहिती प्राप्त थती नथी. ज्ञानमंदिरमां संगृहीत प्रतना आधारे एमना बे शिष्योना नामो जाणी शकाय छे. १. विद्याशेखर, २. मुनि गणेश. १. वि. सं. १६९७ चैत्र शुदि-२ ना बुधवारे आचार्य कल्याणसागरसूरि महाराजनी निश्रामां शिष्य विद्याशेखरे साधारण जिनस्तवनी अवचूरिनी प्रत लखी. For Private and Personal Use Only

Loading...

Page Navigation
1 ... 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84