Book Title: Shrutsagar Ank 2013 03 026
Author(s): Mukeshbhai N Shah and Others
Publisher: Acharya Kailassagarsuri Gyanmandir Koba
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श्रुतसागर - २६
१५ पुरुषना रूप अने गुणना बन्ने छोरनुं दर्शन करावे छे. कहो के तुलना...नभसेननी सागरचंद्र साथे अने सागरचंद्रनी नभसेन साथे....
नारदना वचनथी कमलामेलानुं हृदय पण सागरचंद्रना धबकार धबके छे. नारदनी वाक्छटाना बळे बंन्ने बाजु बराबरनी आग लागी गई. अधीर सागरचंद्र अने आतुर कमलामेला बंने एक-बीजाना विचारोमा वणायेला अने परोवायेला होय छे. बन्नेना मनमां चालता विचारोना निरूपणमां कविए अहीं सारी तक लीधी छे. काच अने मोती, खर अने घोडा, कोढी अने तेजस्वी पुरुषनो देह जेवा प्रचलित अलंकारोथी आ काव्यने मढी दीधुं छे.
ढाळ त्रीजी, कडी - ११ (कडी क्रमांक ४३-६७) राग धन्यासी
सागरचंद्र अने कमलामेला बन्ने एक-बीजाना विचारोमा खोवायेला छे. बन्नेने एक-बीजानी प्राप्तिनी प्रबळ झंखना छे. सहज छे, ज्यारे प्राप्तिनो उपाय न देखातो होय त्यारे प्राप्तिनी झंखना प्रबळ बनी जाय छे. एवं ज अहीं सागरचंद्र अने कमलामेलाना प्रसंगमां बने छे. नारदना वचनथी कमलामेलाना मनमा नभसेननु स्थान सागरचंद्रए लीधुं, विचारो बदलाया, नभसेन प्रत्येनो प्रेम वैराग्यमां परिणम्यो.....कमलामेलानी आ स्थितिमा राहत आपवा नारद कहे छे. के हुं तारो सागरचंद्र साथे मेळाप करावीश.... आम कही नारद त्यांथी नीकळी सागरचंद्रनी पासे आवी जणावे छे के कमलामेला पण तने चाहे छे. आ सांभळी सागरचंद्रने वियोगर्नु दुःख घेरूं बने छ, वधु दुःखी थाय छे.
वधु दुःखी अने उद्वेगी सागरचंद्रने जोई तेनी माता अने अन्य यादव कुमारो पण दुःखी थाय छे. आ अवसरे शांबकुमार पाछळथी आवी सागरचंद्रनी बे आंखो उपर हाथ राखे छे. त्यां ज वियोगनी आगमां दाझेलो सागरचंद्र कमलामेला कमलामेला! बोली ऊठे छे. त्यारे शांब कहे छे. हुं कमलामेला नथी. कमलामेल छु, कमला-मेलापक, कमलामेलाने मेळवी आपनार तारो आत्मीय मित्र छु, आ सांभळी सागरचंद्रए शांबने कह्यु के गमे ते रीते मने कमलामेलानो मेलाप करावी आपो. शाब कुमारने वचन आप्यु के हुं तने कमलामेलानो मेळाप करावी आपीश.
शांब विचारे छे. के पोते आपेलुं वचन कई रीते पूर्ण करयु, आखी वात पोताना भाई प्रद्युम्नने जणावे छे. आ बाजु शांब अने प्रद्युम्न कमलामेलाना लग्नना दिवसे प्रज्ञप्ति विद्याना प्रयोगथी, कमलामेलानुं अपहरण करी, रैवत उद्यानमां लावी सागरचंद्र साथे लग्न करावी आपे छे. (भागी के भगावीने लग्न थयाना उल्लेखो यादव काळमां मळे छे.)
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