Book Title: Shrutsagar Ank 2013 03 026
Author(s): Mukeshbhai N Shah and Others
Publisher: Acharya Kailassagarsuri Gyanmandir Koba

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Page 32
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra ३० www.kobatirth.org यतः कमलामेला मेलउ मुझनि, जंपिउ" तेणि बोलिजी, वचन कहिउं सो पडिवनुं पालउ, नट मत जाउ निटोलजी. ५६ Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir अलसायंतेण सज्जणेण जे अक्खरा समुल्लवीया । ते पत्थर टंकु की यव्व न हु अन्नहा हुंति. ।। ५७ ।। [ / /चालि ।। " इम कमलामेला..... मार्च - २०१३ शांबकुमर कहइ वचनबलई हुं, बांधिउ बोलतां आजजी, कहउ कुठामि गड दुखि वहून सुसरा वैद्यसिउं काजजी. ५८ 1 इम कमलामेला.... आगइ उग्रसेनसूतनि ए दीधी सूता सुविचारिजी, हिवि कहउ सि कीजइ ईहा कणि, वाघ कूप परि सारजी. ५९ तउ हिवि कोईक दाय" रचीनि करसिउं वचनप्रमाणजी, ऊत्तम तणा बोल नवि खोटा, ऊतर मेघ मंडाणजी * . ६० For Private and Personal Use Only इम कमलामेला..... इम कही जंबुवतीनउ नंदन, गयउ प्रद्युमन पासइजी, वात कही कमलामेलानी, राग तणी सुविलासइजी, ६१ इम कमलामेला..... इम कमलामेला..... यतः जत्तिय मित्तो नेहो, तत्तिय मित्तो अनवरि संतावो । ऊज्झिय तेहं न हु कुंकुम, पिता विजइ जणेण ।। ६२ ।। [ I ।। चालि ।। रूकमणीनंदन वचन न लोपि, शांबकुमर केरी साथिजी, दिन निजीक जांणी वीवाहनउ, लेई हथीयार सूहाथिजी. ६३ इम कमलामेला.... जे काळा- घेरायेला वादळो अवश्यमेव जळ वरसावे छे तेम महापुरुषो पोताना वचनो पण अवश्यमेव पाळे छे.

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