Book Title: Shabdarupavali
Author(s): Rushabhchandrasagar
Publisher: Purnanand Prakashan
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तृ० मात्रा मातृभ्याम् मातृभिः च० मात्रे मातृभ्याम् मातृभ्यः
मातुः मातृभ्याम् मातृभ्यः मातुः मात्रोः
मातृणाम् स० मातरि मात्रोः
मातृषु सं० हे मातः ! हे मातरौ ! हे मातरः !
माशते दुहित-ननान्दृ वगैरे शहोना ३५ो थशे. (१२०) ऋकारान्त पुंलिङ्ग - 'नृ' शब्द [.. 49]
(पितृवत्)
प्र० द्वि०
ना नरम्
नरौ नरौ
नन्
त्रा
الد لي لي
नृभ्याम् नृभ्याम् नृभ्याम्
नृभिः नृभ्यः नृभ्यः नृणाम्/नृणाम्
ष० स० सं०
नुः नरि हे न: !
हे नरौ !
हे नरः !
શદ-રૂપાવલી
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