Book Title: Samavayanga Sutra
Author(s): Sudharmaswami, Hirsundar Muni
Publisher: Jaiselmer

View full book text
Previous | Next

Page 179
________________ aता२॥ पिता समासरण एकत्रमलापक इलाकामनुष्यले) तामीकाछविया सगनमयीत्यामाधामधुनानापवाया घणानाधर्माचार्या कघा कान घागरताकद दीकामवन परियहामेल। वति। विशारासमोसरणाऽयम्मायरियाधमाकदातोऽदलाध्यपरलोविष्टिविससा नागपरिचायापबछानामत सपोपकारमसद पायदीक्षा संलपणाण मानपाणीपादपापगमन बापाचदीनिमहालवालन सुकलत पटकरिया कोला करिखना नपञ्चषि नीतिमतयतीसमारतकस्यापबीपासपालटन मकला हीराला कन्जाव एरियदा नावाचदाणाऽपरियागासलदातितित्यवदाईपागमणाईदवरलागगमगाईमुक्कल चलीशविलासधर्ममा तकिरियासंसारमनन एहसावकहरू। यास्वमिहीलगिकाताधर्मक पवजितना विनयमकरि पाति सननकरिवनायसर्दता वातानविषकहानशा छानविद्या यतीन पञ्चायाजणाबोशिलामो किरिया आधविक्रांति जावणाटाधमाकदामुणपतियाणविणयकरण जनस्वामिनावीतरागदेवनानगास विविलनश्चिास्यपण नविषडलानिनका नाaqaधानियमनश्यकशणी अपक्षानुनविपसंयमेननिष उमविहिव्यवसायत छायापधानमनपात्रकणासंयोमतसयामके स्व रसरात कीमतिकानप्रालि उष्टाननविषानशाह 15वहमारवणश्करीमयतिसामानयराबाजानिसहनिप्रित्यर्थय निसामिसासरियलमालणविमतियवसायवालामनियमतवावदार घरतरतग्राणि समवलीसंयवलाघाररुपरीसरसागासहसमWal दलावषयसुखासहनामयनास्पाधाना ममाघाकान पारधापरीक्षवसीकरिवानसंध्याबसिहालय मार्यत समवसईकरदोषमनारघवनमार्जन मोकमार्यज्ञानवमिचारियरछकीमाकल्याव जयाबश्वाब साहाणिसखा घारपरीसपिराजियासहपारसिघालयमयनिश्याग दिसयसनामावसदोस क56 हा

Loading...

Page Navigation
1 ... 177 178 179 180 181 182 183 184 185 186 187 188 189 190 191 192 193 194 195 196 197 198 199 200 201 202 203 204 205 206 207 208 209 210 211 212 213 214 215 216 217 218 219 220 221 222 223 224 225 226 227 228 229 230 231 232 233 234 235 236 237 238 239 240 241 242 243 244 245 246 247 248