Book Title: Epigraphia Indica Vol 03
Author(s): Jas Burgess
Publisher: Archaeological Survey of India
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No. 46.]
GANESGAD PLATES OF DHRUVASENA I.
321
13 'पपरोत्तरसोधि । क्षेत्रखण्डचतुष्टयं पूर्वोत्तरसीलि क्षेत्रखहचतुष्टय एवं
क्षेत्रखण्डान्यष्टौ 14 यत्र पादावत्तंशतत्रयं पा ३.. पस्मिनेव' नाम 'पपरोत्तरसीवि
जमलवापि' चत्व[*]रिंशत्15 पादावत्तंपरिसरा द्वितीया वापि' विशत्पादावर्तपरिसरा' एवमेकत्र सर्व[स]
Second Plate. 16 पादावर्तशतवयं [प]ध्यधिक अचैव वास्तव्यबामणधम्मिलाय दर्भस17 गोचाय वाविसनयसब्रह्मचारिणे
मातापिचो. ___पुण्याप्यायना[या मन[हि"]कामुभिक()यथाभिलषित18 "फलावाप्तनिमित्तमाचन्द्राकाचवचितिस्थिति
सरित्पर्बतसमकालिन" पुत्रपौवाम्बयभोग्वं . 19 दानकरविट्टोनककरविशई भूमिच्छिद्रन्य[[*]येन" उदकातिसमें।
___ अमदायोतिसष्टः [*] यत: 20 अनदेयखित्वा भुंजत: नषतः कर्षयत: प्रदिसतच न "केनयित्वस्याप्याबाधा
विचारणा वा 21 कार्यास्मइंशजैरागामि[भ]द्रनृपति[भि*]च सामान्यभूमिदानफलमवगच्छशिरयं
मनिहायोलु-18 22 मत्तव्य[ः ।"] यच्चाच्छिन्ध[*]दाच्छिद्यमानं वानुमोदेस "पचभिर्महापातक:
सीपपातकेसंयुक्तस्वात्" [1] 23 अपि चात्र व्यासगीता: शोका भवन्ति । षष्ठि वर्षसहस्राणि खो
मोदति भूमिदः [] पाच्छता" चानु24 मन्त[*] च तास्येवनरके वसेत् [*] खदत्त[*] परदत्ता वा यो
हरत वसुन्धरा [1] गवां शतसहस]स्य हन्तुः प्र[*]प्रीति
Read ऽपरीत्तर. - Read अभिनेव. .Read यमलवापौ. 7 Read 'सरेष. • Rid 'कमव.
Read फसामाप्तिनिमित्तमाचन्द्रा - Read 'चायनोदका. - Read वैगचि. - Read पञ्चभि. » Read oft. - Read चाचा .
Read 'यमेवं. • Read परीचर. • Rend वापी विधतिपादा. • Read सर्वम्0 Rend वाजसनेय. - Read कालौनं.
Read यती. * Bend 'रयममहाबीनुमन्तव्यः. 1B Read पावकै: 30 Read 7. - Read ताक.

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