Book Title: Aspect of Jainology Part 2 Pandita Bechardas Doshi
Author(s): M A Dhaky, Sagarmal Jain
Publisher: Parshwanath Vidyapith

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Page 7
________________ प्रो० ढाकी ने इसके गुजराती एवं अंग्रेजी विभाग का सम्पादन अत्यन्त सतर्कता एवं श्रम पूर्वक किया है अतः हम उनके एवं संस्थान के निदेशक डा० सागरमल जैन के आभारी हैं । ii इस ग्रन्थ के प्रकाशन में कुछ मित्रों से भी आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ जिसके लिए हम उनके भी आभारी हैं । इसके हिन्दी और अंग्रेजी खण्डों का मुद्रण रत्ना प्रिंटिंग प्रेस, वाराणसी द्वारा सम्पन्न हुआ अतः हम इस मुद्रणालय के व्यवस्थापकों के प्रति भी आभार प्रकट करते हैं । इसके प्रूफसंशोधन आदि कार्य डा० अरुणप्रताप सिंह, डा० रविशङ्कर मिश्र, डा० अशोक सिंह, श्री जीतेन्द्र शाह एवं श्री महेश कुमार जी ने सम्पन्न किये अतः वे भी धन्यवाद के पात्र हैं । इसी प्रकार गुजराती विभाग का मुद्रण रामानन्द प्रेस, गुर्जर ग्रन्थ रत्त कार्यालय ने किया तथा मुद्रण की व्यवस्था एवं प्रूफ-संशोधन का दायित्व निर्वाह प्रो० हरिवल्लभ चुन्नीलाल भयाणी एवं डॉ० रमणीक भाई म० ने किया अतः हम उनके प्रति आभारी हैं । भूपेन्द्रनाथ जैन सचिव पार्श्वनाथ विद्याश्रम शोध संस्थान, वाराणसी Jain Education International For Private & Personal Use Only प्रो० सागरमल जैन निदेशक www.jainelibrary.org

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