Book Title: Pat Darshan
Author(s): Kalpana K Sheth, Nalini Balbir
Publisher: Jain Vishva Bharati

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Page 89
________________ बाचीसमानेमिनायभगवानवानाधारिएकहजारपुरुषा संयतःग्पारगार प्रहारहजारमनिराजाधालिसरजारसाधवी एकनाधाअगन्योतरहजारभावकःत्रियालापबबीसहजाराधीका दसधषदेमानझनपसरलेखन एकझारखर्घमायुविचारता प्रीमिक्षालजी मानेमाच्या देशनादेऽगिरिरामोधायक रीतिचायनेकजीव श्रीसिहाचलमीमास्तमसामलीचेराग्थयां माचारियगिकारकरीमहासरावरीघजीवसिश्यश्व स्वात निहाथीनानामिनावाने विहारको बलिश्रीनमिनाथनासासमा विष श्रीहनमारास्निायुध साबनंबोमन महापराकमि श्रीनमिन सनासामली वेराग्पयामीचारिखलेऽसाहााधकाकिमुनिसंघात श्रीसथाचालानी आत्महत्यनिराधाकरी निर्मलथईनासमा करीमाशाने याम्या बालश्रीनमिनासासनविय श्रीनारदाकारालापथीमा झयोस्तावयाचयामचीनेमनामनामानली श्रीमीशरलजी नोवाच सानलीहाथरसायबिधसेघनसमाचलजीमाधीसारपरीका ध्या नाकामश्नीथेनीयापनौकरी घरेनाधारापारयवामि यांचंपामदेचारिख नि.मासमासषमपारसं करता विवरसाहस्तिनागपुरेश्याच्या विचार कपोजेमापारमतोमासषमानकरी अमेस्तो बिजामासषमान पारसा श्रीनेमिनाथजीनेवादामनियारेकरीस्मु एस्बोअभियानापान शंषषषमानीमें शिपहरेशस्तिनागपुरचिये गोधरीकरी गामबारे यायलोसानोलिनेमिनाथनगवान् मोकृपयारयातेवातमांना जस्तीतभिनेमिनामाहार ऊंजारने निमापरवाच सिधानिया माणसाकरी घीसकोमिनिमस्ति मोमोरसाहक्षेत्रीनेमिनाथ जगचीम विसरकरना श्रीगिरनारयकापायाचस्पेनधिसझनिसंघ त। मीगिरमाख्परें:मासाउपवासेंमोक्यधारणाशनमोस्तश्रीविम लगिरीनेनमोनमः॥22. HAMARINEMAMEANI मूल पाठ हवें बावीसमा नेमिनाथ भगवानः / बाल ब्रह्मचारि। एक हजार पुरुष सुं व्रत, इग्यार गणधर, अढार हजार मुनिराज, चालिस हजार साधवी, एक लाख अगन्योतर हजार श्रावक, त्रिण लाख छत्रीस हजार श्रावीका। दस धनूष देहमान, कृष्ण वर्ण, संख लंछन, एक हजार वर्ष आयु। विचरतां श्री सिधाचलजीनूं तलेटीइं आव्या। देशना देइ गिरिराजनो वर्णव करी तिवारें अनेक जीव श्रीसिद्धाचलजीनूं माहतम सांभलि वैराग्य पामी, चारित्र अंगिकार करी, अणसण उचरी घणी जीव सिधपदने वरया। तिहांथी श्री नेमिभगवाने विहार कर्यो। पटदर्शन

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