Book Title: Jain Siddhant Pravesh Ratnamala 03
Author(s): Digambar Jain Mumukshu Mandal Dehradun
Publisher: Digambar Jain Mumukshu Mandal

View full book text
Previous | Next

Page 191
________________ (१८५) कहा जा सकेगा? उत्तर-जिसको दूध और पानी में प्रत्येक परमाणु अपने अपने गुण पर्याय सहित वर्त रहा है, एक का दूसरे में प्रभाव है । तथा एक परमाणु की पर्याय का दूसरे परमाणुओं की पर्यायों मे अन्योन्याभाव है ऐसा जिसको ज्ञान वर्तता हो वही दूध और पानी के बंध को सम्बंधविशेष बंध कह सकता है। दूसरा नहीं ! प्रश्न (३४६)-छह द्रव्यों के समूह को विश्व कहते हैं, यह संबंधविशेष बंध है या नहीं ? उत्तर-बिल्कुल नहीं, क्योकि छह द्रव्य अनेक चीजे तो हैं परन्तु एकपने का ज्ञान नहीं होता है इसलिये छह द्रव्यों के समूह को विश्व कहते हैं इसमें सम्बंधविशेष बंध नही है। प्रश्न (३४७)-सम्बंधविशेष बंध जिन्हें कहा जा सकता है उनके कुछ नाम गिनायो ? उत्तर-रोटी, मेज, दरी, फोटो, डब्बा, लालटेन, किताब, घड़ी आदि अनेक चीजे हैं परन्तु कहनं में एक प्राती है पौर ज्ञानी जानते है प्रत्येक रोटी आदि में परमाणुमों का स्वरुप अलग अलग है इसलिये यह संबध विशेषबंध के नाम से कहे जाते हैं। प्रश्न । ३४८)-इस बंध का ज्ञान किसको होता है और किसको नहीं? उत्तर--एक मात्र ज्ञानियों को होता है द्रव्यलिंगी मुनि आदि प्रज्ञानियों को नहीं होता है। प्रश्न (३४६)-जिससे सम्यग्दर्शन हो फिर क्रम से मोक्ष हो ऐसे पाठ बोलों में से-दूसरे बोल का क्या नाम है?

Loading...

Page Navigation
1 ... 189 190 191 192 193 194 195 196 197 198 199 200 201 202 203 204 205 206 207 208 209 210 211