Book Title: Jain Darshan Me Tattva Aur Gyan
Author(s): Sagarmal Jain, Ambikadutt Sharma, Pradipkumar Khare
Publisher: Prakrit Bharti Academy
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41. साध्वी संवेगप्रज्ञाश्रीजी, पंचसूत्र का समीक्षात्मक अध्ययन, जैन विश्वभारती
वि.वि. लाडनूँ (राज.) 42. साध्वी ज्योत्सनाजी, रत्नाकरावतारिका में बौद्धदर्शन की समीक्षा, जैन विश्वभारती
वि.वि. लाडनूं (राज.) 43. साध्वी प्रतिभाजी (द्वितीय), आराधनापताका में समाधिमरण, जैन विश्वभारती
वि.वि. लाडनूँ (राज.) 44. साध्वी प्रभुदिताश्रीजी, जैन दर्शन में संज्ञा की अवधारणा, जैन विश्वभारती वि.
वि. लाडनूं (राज.) 45. आशीष नागर, राधा तत्त्व, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन 46. कु. तृप्ति जैन, जैनदर्शन में तनाव प्रबन्धन, जैन विश्वभारती वि.वि. लाडनूं (राज.) 47. नवीन बुधोलिया, महात्मा गांधी का दर्शन, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन अनौपचारिक समग्र मार्गदर्शन - 1. डॉ. श्यामनन्दन झा, कुन्दकुन्द और शंकर के दर्शनों का तुलनात्मक अध्ययन,
1973 2. साध्वी प्रियदर्शनाश्रीजी, आनन्दघन का रहस्यवाद, 1982 3. साध्वीश्री सुदर्शनाश्रीजी, आचारांगसूत्र का नैतिक दर्शन, 1982 4. साध्वीश्री प्रमोदकुमारीजी, इसिभासियाई सूत्र का दार्शनिक अध्ययन, 1991 5. साध्वी विनीतप्रज्ञाश्रीजी, उत्तराध्ययनसूत्र-एक अनुशीलन, 2001 --- 6. डॉ. सुरेश सिसौदिया, जैन धर्म के सम्प्रदाय, 1995 वाराणसी से प्रस्थान के समय कार्यरत शोध छात्रों की सूची - 1. श्रीमती शुभा तिवारी, पउमचरिय में सामाजिक चेतना एक समीक्षात्मक अध्ययन 2. श्री वीरेन्द्र नारायण तिवारी, प्रमुख स्मृतियाँ तथा जैनधर्म में प्रायश्चित्त-विधि 3. श्री दयानन्द ओझा, जयोदय महाकाव्य का आलोचनात्मक अध्ययन 4. कुमकुम राय, धर्मशर्माभ्युदय काव्यः एक अध्ययन 5. कु. बेबी, सोमेश्वरदेव कृत कीर्तिकौमुदी का आलोचनात्मक अध्ययन 6. कु. आभा, आख्यानक मणिकोश का आलोचनात्मक अध्ययन 7. हनुमानप्रसाद मिश्र, जैन प्रायश्चित-विधि वर्तमान में कार्यरत शोध छात्र (सभी के शोध-प्रबन्ध प्रायः पूर्ण हो चुके हैं।) 1. साध्वी सौम्यगुणाश्री (डी.लिट.हेतु), जैनविधि-विधानों का समीक्षात्मक,
जैनविश्वभारती वि.वि.लाडनूँ (राज.) 2. मुनि मनीषसागर जी, जैनदर्शन में जीवन प्रबन्धन के तत्त्व, जैन विश्वभारती
वि.वि. लाडनूँ (राज.) सागरमल जीवनवृत्त
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