Book Title: Anekant 1979 Book 32 Ank 01 to 04 Author(s): Gokulprasad Jain Publisher: Veer Seva Mandir Trust View full book textPage 3
________________ त्रैमासिक शोष-पत्रिका अनेकान्त ३२: किरण १.२ जनवरी-जून १९७६ सम्पावन-मण्डल ज्योतिप्रसाद जैन हा प्रेमसागर जैन भी गोकुलप्रसाद जैन मम्पादक धो गोकुलप्रसाद जैन एम.ए., एल-एल. बी. साहित्यरत्न विषयानुक्रमणिका विषय १. मंगलाचरण-सम्मइसुस २ सत साहित्य और जैन अपभ्रंश काव्य -~-डा. राममूर्ति त्रिपाठी, उज्जैन ३. मालवा के परमार नरेश भोर जैनधर्म -हा. शिवकुमार नामदेव, डिण्डोरी (मण्डला) ७ ४. पचपरमेष्ठी और णमोकार मंत्र -डा. प्रेमसागर जैन, बड़ौत ५. मादि जिन, शिव एव दांव परम्परा -श्री मुनीशचन्द्र जोशी, नई दिल्ली ६. जैन धर्म : उद्भव और विकाम -डा. रवीन्द्र जैन, मद्रास ७. जैन काव्य मे व्यवहत 'ज्ञान' शब्द : रूप-स्वरूप -हा. मरणलता जैन, फरुवाबाद ६. मथुरा को जैन कला -डा. रमेशचन्द्र जैन, विजनौर ६. मनेकान्त-डा. शोभनाथ पाठक १०. एलाचार्य : शब्द-मीमांशा -1. देवेन्द्रकुमार शास्त्री, नीमच (म.प्र.) ३२ ११. श्रमण संस्कृति का उदात्त दृष्टिकोण -प्रो० श्री रजन मूरिदेव १२. मूति-पूजा की प्रतीकात्मकता ~. भागवन्द्र जैन 'मागेन्दु' वार्षिक मूल्म ६) रुपये इस किरण का मूल्य: १ रुपया ५० पैसे प्रकाशक वीर सेवा मन्दिर, २१ दरियागंज, नई दिल्ली-२Page Navigation
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