Book Title: Samvayangasutram
Author(s): Haribhadrasuri,
Publisher: Agamoday Samiti
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तरविउलगंभीरखायफलिहा अट्टालयचरियदारगोउरकवाडतोरणपडिदुवारेदसभागा जंतमुसलमुसंढिसयग्धिपरिवारिया अउज्झा अडयालकोहरइया अडयालकयवणमाला लाउल्लोइयमहिया गोसीससरसरत्तचंदणदद्दरदिण्णपंचंगुलितला कालागुरुपवरकुंदुरुक्कतुरुक्कडज्झंतधूवमघमतगंधुदुयाभिरामा सुगंधिया गंधवट्टिभूया अच्छा सण्हा लण्हा घट्ठा मट्ठा नीरया णिम्मला वितिमिरा विसुद्धा सप्पमा समिरीया सउज्जोआ पासाईया दरिसणिजा अभिरूवा पडिरूवा, एवं जं जस्स कमती तं तस्स जंजं गाहाहिं भणियं तह चेव वण्णओ। केवइया णं भंते ! पुढविकाइयावासा प०१, गोयमा! असंखेजा पुढवीकाइयावासा प०, एवं जाव मणुस्सत्ति, केवइया णं भंते ! वाणमंतरावासा प०१, गोयमा! इमीसे णं रयणप्पभाए पुढवीए रयणामयस्स कंडस्स जोयणसहस्सबाहल्लस्स उवरि एगं जोयणसयं ओगाहेत्ता हेट्ठा चेगं जोयणसयं वजेत्ता मज्झे अहसु जोयणसएसु एत्थ णं वाणमंतराणं देवाणं तिरियमसंखेजा भोमेजा नगरावाससयसहस्सा ५०, ते णं भोमेजा नगरा बाहिं वट्टा अंतो चउरंसा, एवं जहाँ भवणवासीणं तहेव णेयव्वा, णवरं पडागमालाउला सुरम्मा पासाईया दरिसणिज्जा अभिरूवा पडिरूवा ॥ केवइया णं भंते! जोइसियाणं विमाणावासा प०१, गोयमा! इमीसे णं रयणप्पभाए पुढवीए बहुसमरमणिजाओ भूमिभागाओ सत्तनउयाई जोयणसयाई उड्डे उप्पइत्ता एत्थ णं दसुत्तरजोयणसयबाहल्ले तिरियं जोइसविसए जोइसियाणं देवाणं असंखेजा जोइसियविमाणावासा प०, ते णं जोइसियविमाणावासा अब्भुग्गयमूसियपहसिया विविहरमणिरयणभत्तिचित्ता वाउद्दयविजयवेजयंतीपडागछत्ताइछत्तकलिया तुंगा गगणतलमणुलिहंतसिहरा जालंतररयणपञ्जरुम्मिलियब्व मणिकणगथूभियागा वियसियसयपत्तपुण्डरीयतिलयरयणद्धचंदचित्ता अंतो बाहिं च सण्हा तवणिजवालुआपत्थडा सुहफासा सस्सिरीयरूवा पासाईया दरिसणिज्जा ॥
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