Book Title: Samvayangasutram
Author(s): Haribhadrasuri, 
Publisher: Agamoday Samiti

View full book text
Previous | Next

Page 314
________________ श्रीसमवा यांगे १५९ऐरवतादौजिनादि श्रीअभय वृत्तिः FACAMAC ॥१५४॥ महाबाहू । अइबले महाबले बलभद्दे य सत्तमे ॥८॥ दुविद् य तिविद् य आगमिस्साण वण्हिणो । जयंते विजए भद्दे सुप्पभे य सुदंसणे । आणंदे नंदणे पउमे, संकरिसणे य अपच्छिमे ॥८४॥ एएसि णं नवण्हं बलदेववासुदेवाणं पुव्वमविया णव नामधेजा भविस्संति, नव धम्मायरिया भविस्संति, नव नियाणभूमीओ भविस्संति, नव नियाणकारणा भविस्संति, नव पडिसत्तू भविस्संति, तंजहा-तिलए य लोहजंधे, वइरजंघे य केसरी पहराए । अपराइए य भीमे, महाभीमे य सुग्गीवे ॥८५॥एए खलु पडिसत्तू कित्तीपुरिसाण वासुदेवाणं । सव्वेवि चक्कजोही हम्मिहिंति सचक्केहिं ॥ ८६ ॥ जंबुद्दीवे एरवए वासे आगमिस्साए उस्सपिणीए चउव्वीसं तित्थकरा भविस्संति, तंजहा-सुमंगले अ सिद्धत्थे, णिव्वाणे य महाजसे।धम्मज्झए य अरहा, आगमिस्साण होक्खई ॥ ८७ ।। सिरिचंदे पुप्फकेऊ, महाचंदे य केवली । सुयसागरे य अरहा, आगमिस्साण होक्खई ॥८८॥ सिद्धत्त्ये पुण्णघोसे य, महाघोसे य केवली । सच्चसेणे य अरहा, आगमिस्साण होक्खई ॥ ८९ ॥ सूरसेणे य अरहा, महासेणे य केवली । सव्वाणंदे य अरहा, देवउत्ते य होक्खई ॥ ९॥ सुपासे सुव्वए अरहा, अरहे य सुकोसले । अरहा अणंतविजए, आगमिस्सेण होक्खई ॥ ९१॥. विमले उत्तरे अरहा, अरहा य महाबले । देवाणंदे य अरहा, आगमिस्सेण होक्खई ॥ ९२ ॥ एए वुत्ता चउव्वीस, एरवयम्मि केवली । आगमिस्साण होक्खंति, धम्मतित्थस्स देसगा ॥९३॥ बारस चक्कवट्टिणो भविस्संति, बारस चक्कवट्टिपियरो भविस्संति, बारस मायरो भविस्संति, बारस इत्थीरयणा भविस्संति, नव बलदेववासुदेवपियरो भविस्संति, णव वासुदेवमायरो भविस्संति, णव बलदेवमायरो भविस्संति, णव दसारमंडला भविस्संति, उत्तमपुरिसा मज्झिमपुरिसा पहाणपुरिसा जाव दुवे दुवे रामकेसवा भायरो भविस्संति, णव पडिसत्तू भविस्संति, नव पुन्वभवणामधेजा णव धम्मायरिया णव णियाणभूमीओ णव णियाणकारणा, 8 ॥१५४॥ HAR Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org

Loading...

Page Navigation
1 ... 312 313 314 315 316 317 318 319 320 321 322 323 324 325 326