Book Title: Dharmaratnaprakaranam
Author(s): Shantisuri, 
Publisher: Jain Granth Prakashak Sabha

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Page 10
________________ * धमरजप्रकरणम् * शुद यदितव्य पारद्धिलंपडोत्ति जिणधम्मो निर्देश * पृष्ठ पंक्ति अशुद्ध ३अ ११ यतितव्य ५५ ५ पारद्धिलपडोति ६व ११ जिर्णधम्मो व २-३ निर्देश ८ब ६ श्रष्ठी १०अ २ अक्करो १०४ ५ सङ्किलिट्ठस्स १०अ १२ बिभेति १२च ६ सव्वोह शुद्धिपत्र पृष्ठ पंक्ति अशुद्ध १९व ५ हियइच्छिय २०७४ सुहुयहुया सणे २१अ ११ सुप्रसभाद्रोः | २१व ३ पहाणं ने २३अ ९ झरिऊण २४अ १ यज्जन यै २४व ११ नैताद्व २६ष ६ आयंससमाणे | २६३ १० मंदावरो * श्रेष्ठी हियइच्छियं सुहुयहुयासणे सुप्रसन्नाद्गुरोः पहाणं जे झरिऊण यज्जनन्यै नैतावद् आर्यसमाणे मंदायरो * अक्करो न सकिलिट्ठस्स विभेति सव्वेहि ॥५॥

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