Book Title: Apbhramsa Vyakaran evam Chand Alankar Abhyas Uttar Pustak
Author(s): Kamalchand Sogani, Shakuntala Jain
Publisher: Apbhramsa Sahitya Academy

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Page 38
________________ मारणत्थि (मारने के इच्छुक) नियम 2- छठ्ठी विभत्ति तप्पुरिस समास (षष्ठी तत्पुरुष समास) वच्छउलइं (बछड़ों के समूहों को) नियम 2- छट्ठी विभत्ति तप्पुरिस समास (षष्ठी तत्पुरुष समास) भयतट्ठउ (भय से कॉपा) नियम 2- तइया विभत्ति तप्पुरिस समास (तृतीया तत्पुरुष समास) भयवसु (भय के अधीन) ___ नियम 2- छट्ठी विभत्ति तप्पुरिस समास (षष्ठी तत्पुरुष समास) सीह-भयाउर (सिंह के भय से पीड़ित) नियम 2- तइया विभत्ति तप्पुरिस समास (तृतीया तत्पुरुष समास) विसमावत्थहिं (कठिन अवस्था में) नियम 2.1- कम्मधारय समास (कर्मधारय समास) बहुदुक्खायरु (बहुत दुःखों की खान) नियम 2- छट्ठी विभत्ति तप्पुरिस (षष्ठी तत्पुरुष) पुर-सयासि (नगर के पास) . नियम 2- छट्ठी विभत्ति तप्पुरिस समास (षष्ठी तत्पुरुष समास) दुख-दालिद्द-जडिउ (दुख दरिद्रता से युक्त) ... नियम 2- तइया विभत्ति तप्पुरिस समास (तृतीया तत्पुरुष समास) पुष्यक्किय (पूर्व में किये हुए) . नियम 2- सत्तमी विभत्ति तप्पुरिस समास (सप्तमी तत्पुरुष समास) पवणाहय (वायु से आघात प्राप्त) . नियम 2- तइया विभत्ति तप्पुरिस समास (तृतीया तत्पुरुष समास) भयभीयउ (भय से काँपा हुआ) नियम 2- तइया विभत्ति तप्पुरिस समास (तृतीया तत्पुरुष समास) संसार-सरूवउ (संसार का स्वरूप) नियम 2- छट्ठी विभत्ति तप्पुरिस समास (षष्ठी तत्पुरुष समास) दुहभरिया (दुःख से भरा हुआ) .. . नियम 2- तइया विभत्ति तप्पुरिस समास (तृतीया तत्पुरुष समास) . . अपभ्रंश-व्याकरण एवं छंद-अलंकार अभ्यास उत्तर पुस्तक Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org

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