Book Title: Uttaradhyayana Sutra Chitravali
Author(s): Sarabhai Manilal Nawab
Publisher: Devchand Lalbhai Pustakoddhar Fund

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Page 35
________________ चित्र १७ जे केइ उ पाव्यइप नियंठे, धम्म सुणित्ता विणओवधन्ने । सुदुलाई हाहिउ बोहिलाभ, विहरिज पच्छा य जहासुहं तु ॥ अ० १७ गा०१॥ उत्तराध्ययन अ०१७ जे बज्ज एए उ सदा उ दोसे, से सुव्वए होर मुणीण मज्झे । अयंसि लोए अमयं व पूइए, आराहए दुहओ लोगमिण ॥ अ०१७ गा०२१ ॥ For Private & Personal use only

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