Book Title: Uttaradhyayana Sutra Chitravali
Author(s): Sarabhai Manilal Nawab
Publisher: Devchand Lalbhai Pustakoddhar Fund
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Brokemumme
जिणे पासित्ति नामेणं, अरहा लोगपइए । संबुद्धप्पा य सव्वन्नू धम्मतित्थयरे जिणे । अ० २३ गा०
॥
श्री
उत्तराध्ययन अ०२३
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तोसिआ परिसा सव्वा, संमग्गं समुवटिया । संथाय ते पसीयंतु, भगवं केसी गोयमु ।। अ०२३ गा०८९ ॥

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