Book Title: Uttaradhyayana Sutra Chitravali
Author(s): Sarabhai Manilal Nawab
Publisher: Devchand Lalbhai Pustakoddhar Fund
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सुअं मे आउसंतेणं भगवया पयमक्खायं-इह खलु सम्मत्तपरक्कमे नाम ज्झयणे समणेणं भगवया महाबीरेणं कासवेणं पवेइए.
-अ०२९ सू०१।
उत्तराध्ययन अ०२९
एसो खलु सम्मत्तपरक्कमस्स अज्झयणस्स अट्रे समणेणं भगवया महावीरेणं आघविए पन्नविए परूविए दंसिप निदंसिए उबदंसिप तिबेमि
-अ० २९ सू० ७६ ।
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