Book Title: Uttaradhyayana Sutra Chitravali
Author(s): Sarabhai Manilal Nawab
Publisher: Devchand Lalbhai Pustakoddhar Fund

View full book text
Previous | Next

Page 65
________________ वित्र 26 अच्चंतकालम समूलयस्स, सबस्स दुक्खस्स उ जो पमोक्खो। तं भासओ में पडिपुन्नचित्ता, सुणेह एगग्गहिय हि यत्थं । अ० ३२ गा० १॥ ओ उत्तराध्य. यन अ०३२ INITU जब ETIMADI अणाइकालप्पभवस्स एस्सो, सव्वस्स दुक्खस्स पमुक्खमग्गो । वियाहिओ जं समुविञ्चसत्ता, कमेण अचंतसुही भवंति ॥ अ० ३२ गा० १११ ॥ ६५ Privale & Personal Use Only Deliterary.orm

Loading...

Page Navigation
1 ... 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76