Book Title: Uttaradhyayana Sutra Chitravali
Author(s): Sarabhai Manilal Nawab
Publisher: Devchand Lalbhai Pustakoddhar Fund
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110208
वित्र २५
माहण कुलसंभूओ, आसी विप्पो महायसो । जायाई जमजन्न मि, जयघोसत्ति नामओ ॥ अ०२५ गा०१॥
श्री उत्तराध्य यन अ०२५
खवित्ता पुवकम्माई, संजमेण तवेण य । जयघोस विजयघोसा, सिद्धि पत्ता अणुत्तरं । अ०२५ गा०४५।।
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