Book Title: Uttaradhyayana Sutra Chitravali
Author(s): Sarabhai Manilal Nawab
Publisher: Devchand Lalbhai Pustakoddhar Fund
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चित्र १६
सुअं मे आउस ! तेणं भगवया एवमक्खायं- इह खलु थेरेहि भगवंतेहि दस बंभयेरसमाहिठाणा पन्नता ।। अ०१६ सू०१॥
श्री उत्तराध्ययन अ०१६
एस धम्मे धूवे नियए, सासए जिणदेसिए । सिद्धा सावंति चाणेणं, सिज्झिस्संति तहापरे ।। अ०१६ गा० १७।।
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