Book Title: Sramana 1998 10
Author(s): Shivprasad
Publisher: Parshvanath Vidhyashram Varanasi

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Page 78
________________ Jain Education International वर्ष अंक ई० सन् पृष्ठ * * १९६७ १९५३ १९६० १९८८ ४२० श्रमण : अतीत के झरोखे में लेख लेखक अष्टालक्षी में उल्लेखित जयसुन्दरसूरि की - शतार्थी की खोज आवश्यक श्री अगरचंद नाहटा अहमदाबाद के भामाशाह श्री जयभिक्खु अहिंसा का क्रमिक विकास पं० सुखलाल जी आचार्य अमितगति: व्यक्तित्व और कृतित्व डॉ० कुसुम जैन आचार्य : एक मधुर शास्ता उपाध्याय अमरमुनि आचार्य चण्डरुद्र मुनिश्री लक्ष्मीचन्द्र जी आचार्य शाकटायन (पाल्यकीर्ति) और पाणिनि श्री रामकृष्ण पुरोहित आचार्य सोमदेवसूरि श्री गोकुलचन्द जैन आचार्य हेमचन्द्र श्री गुलाबचन्द्र चौधरी आचार्य हेमचन्द्र और उनकी साहित्यिक मान्यताएं ___ डॉ० देवेन्द्रकुमार आचार्य हेमचन्द्र : एक महान् वैयाकरण श्री अभयकुमार जैन आचार्य हेमचन्द्र : एक युगपुरुष प्रो० सागरमल जैन १९५७ For Private & Personal Use Only * * * * * * * * * * 3 : Mark Twim Mirro १९६० १९८१ १९६० १९५१ १९६१ १९७६ १९८९ १९९७ १९७५ १९८९ १९५६ १९५० २७-२८ २१-२४ ९-१५ १७-२३ १२-१६ १८-१९ ५२-६१ ३१-३३ १६-२४ २२-२६ ८-१३ ३-१५ ६०-७० १३-१८ २-१२ १९-२२ १३-१९ www.jainelibrary.org आचार्य हेमचन्द्र : जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व आनन्दघन जी खरतरगच्छ में दीक्षित थे आर्यरक्षित आर्यों से पहले की संस्कृति श्री अभयकुमार जैन श्री भंवरलाल नाहटा डॉ० इन्द्रचन्द्र शास्त्री डॉ० गुलाबचन्द्र चौधरी

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