Book Title: Sramana 1998 10
Author(s): Shivprasad
Publisher: Parshvanath Vidhyashram Varanasi

View full book text
Previous | Next

Page 126
________________ ४६८ Jain Education International लेख वर्ष श्रमण : अतीत के झरोखे में लेखक श्री इन्द्रेशचन्द्र सिंह डॉ० के० ऋषभचन्द्र अंक a १८ १८ १६ २४ १-२ १० १२ २ & ar ar nor ई० सन् १९८९ १९६६ १९६७ १९६५ १९७२ १९८३ १९८० पृष्ठ २६-३६ ८-१२ ९-१२ ३२-३४ १६-२७ १४-१९ १३-१५ श्री गणेशप्रसाद जैन श्री गणेश ललवानी उपाध्यायश्री अमरमुनि ३४ ___३२ For Private & Personal Use Only युद्ध और युद्धनीति राक्षस : एक मानव वंश रामकथा के वानर : एक मानव जाति रामकथाविषयक कतिपय भ्रांत धारणायें राजगृह राज्य का त्याग : त्यागी से भय राजा मेघरथ का बलिदान रामसनेही सम्प्रदाय के रेणशाखा के दो सरावगी आचार्य राष्ट्रनिर्माण और जैन राष्ट्रभाषा के आद्यजनक भगवान् महावीर राष्ट्रीय विकास यात्रा में जैन धर्म एवं जैन पत्रकारों का योगदान रूढ़िच्छेदक महावीर लवण एवं अंकुश की देवविजय का भौगोलिक परिचय लोक कल्याण के लिए श्रमण संस्कृति वर्ण और जातिवाद : जैन दृष्टि 9 w श्री अगरचंद नाहटा श्री माईदयाल जैन डॉ० रतिलाल म० शाह २९ ११ २४ ६ ४ १९७८ १९६० १९७३ १२-१६ ४९-५६ २८-३१ ३६ ३ n w ३ ६ श्री जिनेन्द्र कुमार पं० बेचरदास दोशी डॉ० के० ऋषभचंद्र भिक्षु जगदीश काश्यप श्री कन्हैयालाल सरावगी १६ www.jainelibrary.org n १९८५ १९५२ १९६५ १९४९ १९७८ ६-१० ३२-३७ ३-१५ १९-२१ १७-२० or a

Loading...

Page Navigation
1 ... 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134 135 136 137 138 139 140 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150 151 152 153 154 155 156 157 158 159 160 161 162 163 164 165 166 167 168