Book Title: Sramana 1998 10
Author(s): Shivprasad
Publisher: Parshvanath Vidhyashram Varanasi

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Page 142
________________ ४८४ Jain Education International लेख वर्ष अंक श्रमण : अतीत के झरोखे में . लेखक श्री एस० एस० गुप्त श्री कैलाशचन्द्र जैन डॉ० देवेन्द्रकुमार पं० कैलाशचन्द्र जी श्री धनदेवकुमार 'सुमन' एक दुनियाँ और एक धर्म एक पत्र एक प्रतिक्रिया एक समस्या ऐसा क्यों ? कलकत्ता विश्वविद्यालय में संस्कृत का उच्च-शिक्षण क्रमशः or o २० १९३ १ ई० सन् १९५७ १९६९ १९६८ १९५० १९५४ or » m or ४-७ २५ ३५ । २१-२५ २१-२६ ur म० म० विधुशेखर भट्टाचार्य mr For Private & Personal Use Only mm कल्चुरीकालीन भगवान् शांतिनाथ की प्रतिमाएँ कश्मीर की सैर श्री शिवकुमार नामदेव पं० कैलाशचन्द्र शास्त्री ३६ २३ १० 3 w° 2 AMur 3 १९५२ १९५२ १९७२ १९५४ १९५४ १९५४ १९७१ १९६२ १९६२ १९७८ १९५३ २४-३२ २७-३१ १४-१५ ३३-३६ २९-३० २५-२७ ३०-३२ २५-२७ ४२-४४ २६-३१ २९-३२ 3 प्रो० जी० आर० जैन श्री गंगासागर राय कर्मों का फल देनेवाला कम्प्यूटर काव्य का प्रयोजन : एक विमर्श काव्य में लोक मंगल काव्यशास्त्रियों की दृष्टि में श्लेष काश ! मैं अध्यापिका होती ! २२ १३ १३ www.jainelibrary.org श्री श्रेयांसकुमार जैन सुश्री शरबती जैन

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