Book Title: Sramana 1998 10
Author(s): Shivprasad
Publisher: Parshvanath Vidhyashram Varanasi

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Page 145
________________ Jain Education International वर्ष ४ लेख दौरे के संस्मरण नया और पुराना धर्म और विद्या का विकास मार्ग निगंठनातपुत्त निरामिष भोजन : एक समस्या नई पीढ़ी और धर्म नरसिंह मेहता न्यायोचित विचारों का अभिनन्दन पथ-भ्रष्ट पार्श्वनाथ विद्याश्रम पार्श्वनाथ विद्याश्रम - एक सांस्कृतिक अनुष्ठान १४ ११ ९ For Private & Personal Use Only श्रमण : अतीत के झरोखे में लेखक श्री हरजसराय जैन मुनि सुरेशचन्द्र शास्त्री पं० सुखलाल जी श्री भरतसिंह उपाध्याय डॉ० सम्पूर्णानन्द श्री नंदलाल मारु डॉ० इन्द्रचन्द्र शास्त्री पं० श्री जुगलकिशोर मुख्तार श्री अभयमुनि जी महाराज प्रो० विमलदास जैन पं० दलसुख मालवणिया पं० बेचरदास दोशी श्री महेन्द्र राजा . 3rma, verb - 9 - - urr ई० सन् १९५३ १९५५ १९६३ १९६० १९५८ १९६८ १९५४ १९६६ १९५५ १९५२ १९४९ १९६७ १९५६ १९५६ १९५६ १९६३ १९५१ 2 9 m ~~ 9 9 9 km ४८७ पृष्ठ २३-२६ २०-२२ ९-१७ २१-२३ २८-३३ ३५-३८ १७-२० १६-२१ ३३-३६ १३-२३ ३३-३४ ७-८ २७-२९ २५-२६ ७-९ । २८-३० २१-२५ पुलिस पुस्तक सूची ७ ४ ७ ६ www.jainelibrary.org पुनीत स्मरण पूज्य श्री जिनविजयेन्द्र सूरि जी प्रतिज्ञा श्री देवेन्द्रकुमार शास्त्री श्री शंकर मुनि श्री हुकुमचन्द सिंघई

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