Book Title: Sramana 1998 10
Author(s): Shivprasad
Publisher: Parshvanath Vidhyashram Varanasi

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Page 157
________________ ७ श्रमण : अतीत के झरोखे में पुस्तक की साज-सज्जा सुन्दर और मुद्रण निर्दोष है। पक्के बाइंडिंग वाली इस पुस्तक का मूल्य लागत मात्र रखा गया है जो प्रकाशक की उदारता का परिचायक है। ___ अध्यात्म की अनूठी पत्रिका स्वानुभूतिप्रकाश निःशुल्क प्राप्त करें श्री सत्श्रुत प्रभावना ट्रस्ट, भावनगर द्वारा स्वानुभूतिप्रकाश नामक एक मासिक पत्रिका का प्रकाशन किया जाता है। यह पत्रिका जिन मंदिरों, शोध संस्थाओं, पुस्तकालयों, विद्वानों, प्रवचनकारों एवं तत्त्वजिज्ञासूओं को नि:शल्क प्रतिमाह भेजी जाती है। जो भी संस्थायें या स्वाध्याय प्रेमी उक्त योजना का लाभ लेना चाहते हों वे अपना पूरा पता पिनकोड के साथ साफ-साफ अक्षरों में लिख कर निम्नलिखित पते पर भेजें। संपादक - स्वानुभूतिप्रकाश श्री सत्श्रुत प्रभावना ट्रस्ट, ५८०, जूनी माणेक बाडी, भावनगर - ३६४००१ (गुजरात राज्य) डाक टिकट भेजकर सत्-साहित्य निःशुल्क मंगा लें आध्यात्मिक सत्पुरुष श्री कानजी स्वामी के प्रवचनों की श्रृंखला में आचार्य कुन्दकुन्द कृत ग्रन्थाधिराज समयसार (गाथा २३७ से ३०७) पर हए प्रवचनों का संकलन "प्रवचन रलाकार भाग-८" (पृष्ठ ४४६ कीमत २०/- रू.) तथा "नियमसार" (गाथा ३, ८, ९, १०, १४, १५) पर हुए प्रवचन "कारणशुद्धपर्याय" (पृष्ठ १२४ कीमत ६/-रू०) मगनमल सौभागमल पाटनी फेमिली चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से मुनिराजों, ब्रह्मचारियों, मंदिरों, संस्थाओं, मुमुक्षुओं को स्वाध्यायार्थ नि:शुल्क भेंट स्वरूप भेजी जा रही है। इच्छुक महानुभाव डाक खर्च के ४/- (चार रूपयें) के साफ-सुथरे (फ्रेश) टिकट भेजकर निःशुल्क मंगा लेवें। टिकट भेजने की अंतिम तिथि ३१ जनवरी ९९है। - नि:शुल्क साहित्य वितरण विभाग श्री टोडरमल स्मारक भवन, ए-४ बापूनगर, जयपुर ३०२ ०१५ (राज.) Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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