Book Title: Sramana 1998 10
Author(s): Shivprasad
Publisher: Parshvanath Vidhyashram Varanasi

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Page 129
________________ Jain Education International श्रमण : अतीत के झरोखे में लेख लेखक शिक्षा के साधन शिशु और संस्कृति श्री एस० आर० स्वामी शुभकामना प्रो० देवेन्द्रकुमार जैन श्रमण कुमारी सत्य जैन श्रमण और श्रमणोपासक श्री कस्तूरमल बांठिया श्रमण जीवन में अधिकरण का उपशमन पं० मुनि कन्हैयालालजी म० 'कमल' श्रमण भगवान् महावीर पं० बेचरदास दोशी श्रमण भगवान् महावीर की शिष्य संपदा मुनि फूलचन्दजी 'श्रमण' श्रमण भगवान् महावीर के चारित्रिक अलंकरण-क्रमश: रविशंकर मिश्र For Private & Personal Use Only PM w m * My Marr Mry or rur r - 9 ई० सन् १९५१ - १९५७ १९५४ १९५२ १९६७ १९५६ १९७४ १९५५ १९८२ १९८४ १९७७ १९५६ १९५० १९७२ १९५८ १९५० ४७१ पृष्ठ । १३-१७ १०-१४ ३१-३३ २३ २५-२९ २३-२७ १०-१७ ३० १-२ १-२ १८-२९ १६-१७ ९-१५ ६-१० ७३-७४ १५-२२ ३३ श्रमण-संघ श्रमण संघ की शिक्षा-दीक्षा का प्रश्न श्रमण संस्कृति और नया संविधान श्रमण संस्कृति और नारी श्रमण संस्कृति का भावी विकास श्रमण संस्कृति का केन्द्र-विपुलाचल और उसका पड़ोस डॉ० मोहनलाल मेहता पं० मुनिश्री सुरेशचन्द्र जी महाराज | श्री पृथ्वीराज जैन १ डॉ० कोमलचंद जैन पं० कृष्णचन्द्राचार्य श्री गुलाबचन्द्र चौधरी २ www.jainelibrary.org ५ ७ ११-१२ १

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