Book Title: Sramana 1998 10
Author(s): Shivprasad
Publisher: Parshvanath Vidhyashram Varanasi

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Page 134
________________ Jain Education International m m m ३२ m ur 26 " " n w m m For Private & Personal Use Only ४७६ श्रमण : अतीत के झरोखे में लेख लेखक स्नेह के धागे श्री अमरमुनि जी स्मृति नन्दन श्री जिनेन्द्र कुमार स्वभाव परिवर्तन युवाचार्य महाप्रज्ञ स्वामी केशवानन्द स्वामी सत्यस्वरूपजी स्वामी विवेकानन्द श्री शीतलचन्द्र चटर्जी स्वप्न और विचार मुनि सुखलाल स्व० पण्डित जी एक चलते फिरते विश्वकोश श्री शादीलाल जैन स्त्रीमुक्ति, अन्यतैर्थिक मुक्ति एवं सवस्त्रमुक्ति का प्रश्न डॉ० सागरमल जैन स्त्रिीशिक्षा सुश्री कांता जैन हमारी प्रवृत्तियाँ और उनका मूल्यांकन डॉ० इन्द्रचन्द्र शास्त्री _हमारे पतन का मुख्य कारण : हिंसा श्री नारायण सक्सेना हमारे समाज की भावी पीढ़ी श्री उदय जैन हमें सामाजिक मूल्यों को बदलना है श्री जमनालाल जैन हरिजन मंदिर प्रवेश श्री भगतराम जैन हरिवंशपुराणकालीन समाज और संस्कृति श्री धन्यकुमार राजेश हिन्दी जैन कवि छत्रपति : व्यक्तित्व तथा कृतित्व डॉ० आदित्य प्रचण्डिया दीति' हिन्दी जैन साहित्य का विस्मृत बुन्देली कवि : देवीदास डॉ० (श्रीमती) विद्यावती जैन हेमचन्द्राचार्य की साहित्य साधना डॉ० मोहनलाल मेहता ई० सन् १९८२ १९८१ १९८५ १९५१ १९५५ १९८३ १९८१ १९९७ १९५० १९६५ १९६५ १९५२ १९५७ १९५६ १९७० १९८४ १९९२ १९७७ पृष्ठ २-७ ३९-४० १२-१८ २६-३१ ३४-३५ २०-२१ ५१ ११३-१३२ २३-२६ ३२-३६ १६-१९ १६-१८ १३-१७ ५८-६१ ३-१३ १-५ २९-३९ २७-३१ ७ ३५ www.jainelibrary.org ६-७ २ ८ १०-१२ ७

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