Book Title: Ravisagarji Jivan Charitra Shok Vinashak Granth
Author(s): Buddhisagar
Publisher: Buddhisagar

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Page 30
________________ गण वदी ७ ना रोज वसौ तरफ बिहार. कॉ. संवत १९९२ ना चैत्र सुदि ५ पांचमना रोज वसो गाममां पधार्या. वसो गाम पेटलाद पासे आव्युं छे. त्यांना शा. हरजीवन चंदना पुत्र साकरचंदन लग्न एज सालना वैशाख शुदी ५ पांचमनुं हतुं. पण साकरचंदने संसार असार लागवाथी लग्न बंध राखी अमदावादमा मुनिराजश्री रविसागर पासे दीक्षा लीधी तेमनु नाम गुणसागर पाडयु. वळी अहींनाज शा. मानचंद साकरचंदे एज सालनी जेठ सुदि ६ छटनां रोज दीक्षा लीधी तेमनु नाम मणिसागर रास्यु. संवत १९२३ नी सालमा वीरमगाममांगुणसागर तथा मणिसागरने वडी दीक्षा आपी. कल्याणसागर तथा हेतश्रीने दीक्षां आपी हती. त्यांथी वि

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