Book Title: Rajasthan ka Jain Sahitya
Author(s): Vinaysagar
Publisher: Devendraraj Mehta
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478
पृष्ठांक
पृष्ठांक
नाम
नाम पूज्य श्रीमल 195
बलवन्तसिंह मेहता 297 " पूनमचन्द 190
बल्लाल 157 पूनसिह 103
बस्ता 280 पूर्णकलश गणि 64
बहादुरसिंह सिंघी 290 पूर्णचन्द्र जैन 297
बाण भट्ट 24, 41, 128 पूर्णभद्र गणि 78
बाबू कालूराम 242 पथ्वीचन्द 299
बालचन्द 178, 277 पथ्वीचन्द्र 167
बालचन्द पान्डे 212 पथ्वीचन्द्र राजाधिराज 64
बालचन्द मुनि 156 पथ्वीपाल अमात्य 162
बालचन्द सोनी 358 पृथ्वीराज चौहान 64, 124
बालनन्दि 20, 51 पथ्वीराज राठोड 164, 230, 231 पोमराज श्रेष्ठ 114
बुद्धसिंह बाफना 297 प्यारा बाई 192
बुद्धि मुनि गणि 71 प्रकाश मुनि 335
बुद्धिसागर 21 प्रज्ञातिलक 168
बुद्धिसागरसूरि 63,81 प्रतापचन्द भूरा 338
बुधजन (भदीचन्द) 223 प्रतापमल पंगलिया 187
बुधजन 216, 217, 225 प्रद्युम्नसूरि 13, 43
बूटेराय 285 प्रद्युम्नाचार्य 64
बेगराज 249 प्रबोधचन्द्र गणि 64
ब्रह्मदेव 98 प्रभाचन्द्र 98
ब्रह्म अजित 215 प्रभुदत्त 45
कामराज 114 प्रसन्न कुमार सेठी 321
गणकीर्ति 215 प्रेमचन्द रांवका 362
चन्द्रसागर 214 प्रेमराज साह 214
जयसागर 208 प्रो. प्रवीणचन्द जैन 360
जिनदास 104,105,107,203 प्रो. सुवाली 40
देवा 221 धर्मरुचि 215 नाथ 219,225 प्रहलाद वर्णी 114
बुचराज 113, 206, 207 फूलचन्द बाफना 297
बूचराज बल्ह-बूचा। 150,158 बील्ह-वल्हव यशोधर 207
रत्नकीति 151 बखतराम 224
रायमल्ल 208, 216 बख्तराम साह 214
साधारण 159 बख्तावर कासलीवाल 223 बधावासिंह 191 बनारसीदास 216, 217, 221, 230,232 बप्पदेव गुरु 11
भक्तिभद्र 280 बलदेवसिंह चौहान 196
भक्तिलाभोपाध्याय 82, 173
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