Book Title: Mahasati Madanrekha Diwakar Chitrakatha 012 Author(s): Shreechand Surana Publisher: Diwakar PrakashanPage 26
________________ सती मदनरेखा उसी के शोर से क्रुद्ध हुआ एक विशाल काय हाथी दौड़ता सेना सहित पन रथ राजा हाथी का पीछा करता हुआ आया। छुपी हुई मदनरेखा को भी उसने अपना शत्रु हुआ उधर ही आ पहुँचा। हाथी गहरे घने जंगल समझा और उसे सूंड में पकड़कर आकाश में उछाल दिया। की ओर भाग गया।" *TA ALDAON तभी पद्मरथ के कानों में एक नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई पड़ी अरे यह तो किसी बच्चे के रोने की आवाज है। amY Rism wh 1009 D IVIROMEMADI 24 For Private & Personal Use Only Education International www.jainelibrary.orgPage Navigation
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