Book Title: Jain Gruhastha Ke Vrataropan Sambandhi Vidhi Vidhano ka Prasangik Anushilan
Author(s): Saumyagunashreeji
Publisher: Prachya Vidyapith

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Page 523
________________ प्रयुक्त ग्रंथ सूची क्र. ग्रन्थ का नाम लेखक/संपादक । प्रकाशक 1. अभिधानराजेन्द्रकोश |श्रीराजेन्द्रसूरि राजेन्द्रसूरि ज्ञानमंदिर 1982 | (भाग-1-7) रतनपोल, अहमदाबाद 2. अनगारधर्मामृत अनु.पं. कैलाशचन्द्र | भारतीय ज्ञानपीठ 1977 शास्त्री प्रकाशन, दिल्ली 3. अष्टपाहुड अनु.पं. पन्नालाल |श्री दिगम्बर जैन मंदिर 1995 साहित्याचार्य गुलाबवाटिका, दिल्ली 4./ अन्तकृत्दशासूत्र सं. मधुकरमुनि आगम प्रकाशन समिति ब्यावर 5. अनुयोगद्वारसूत्र सं. मधुकरमुनि |आगमप्रकाशन समिति, 1987 ब्यावर 6. आवश्यकसूत्र सं. मधुकरमुनि आगमप्रकाशन समिति, 1989 ब्यावर 7. आवश्यकनियुक्ति समणी कुसुमप्रज्ञा जैन विश्व भारती, लाडनूं |2001| 8. आवश्यकनियुक्ति भद्रबाहु रचित हर्षपुष्पामृत ग्रंथमाला, 1989 सं. विजयजिनेन्द्रसूरि लाखावाबल, शान्तिपुरी सौराष्ट्र 9. आवश्यकचूर्णि |जिनदासगणिमहत्तर ऋषभदेव केसरीमलजी 1928 | (भा.1-2) संस्था, रतलाम |10. आवश्यकटीका आचार्यमलगिरि जिनशासन आराधना 2040 ट्रस्ट, मुंबई |11. आवश्यकवृत्ति |आचार्य हरिभद्रसूरि आगमोदय समिति, 1928 मुंबई 12.| आचारांगसूत्र(भा.1-2) |सं. मधुकरमुनि आगमप्रकाशन समिति, 1989 ब्यावर

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