Book Title: Agamsaddakoso Part 3
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agamdip Prakashan

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Page 484
________________ (सुत्तंकसहिओ) महापुंड [महापुण्ड्र ] भो 'पर' सम. २५; महापुंडरीय [महापुण्डरीक] भोटुं भण, रुमीपर्वत महापुरुषसेविय [ महापुरुषसेवित] महात्माने ઉપરનો એક દ્રષ્ટ આચરેલ नाया. ६२,१४५ : उव. ५: जंबू. २०९; जीवा. १०५: महापुंडरीयदह [महापुण्डरीकद्रह] रुमी पर्वत ઉપરનો એક દ્રષ્ટ सम. १९४; महापुंडरीयद्दह [महापुण्ीकद्रह] दुखो '५२' जीवा. १७९; महापुंडरीयहत्थगय [हस्तगतमहापुण्डरीक] ना હાથમાં મોઢું કમળ રહેલું છે તે जंबू. ५६; महापुण्ण [ महापुण्य] भोटुं पुन्य नाया. १४२; महापुर [महापुर] भोटु नगर विवा. ४३; महापुरवरी [महापुरवरी] भोटी नगरी नाया. १११; महापुरा [ महापुरी ] भोटी नगरी, महापद्माविश्यनी રાજધાની ठा. ९६,७४९; जंबू. १८९ महापुरिस [ महापुरुष] महात्मा, साधु, डियुरिस જાતિનો વ્યંતરેન્દ્ર सूय. २२५,२२८; भग. १९४,४८९; ठा. ९८,२८७ ; पण्हा. ३९: पन्न. २१८, २२०; महापुरिसनिपडण [महापुरुषनिपतन] महापुरषो નું પતન કે ઉત્પન્ન થવું તે जीवा. १०५, १८५; महापुरिसपडण [महापुरुषपतन] महापुरुषोनुं ઉત્પન્ન થવું તે जंबू. ३७; Jain Education International महापुरीस [महापुरुष] दुखो उपर देविं. ७०; महाप. १२६; महापोंडरीय [महापुण्डरीक ] सातमा देवसोऽनुं खेड વિમાન, શ્વેતકમળ सूय. ६८६, ६८७; सम. ४२; ठा. ९२४; नाया. ४२; राय. १५,३४, ४२; पन्न. ७७; उव. ५०; जीवा. १६१, १६५; जंबू. १२८,१२९; महापोंडरीयजोणिय [महापुण्डरीकयोनिक] श्वेत કમળ યોનિક ४८३ सूय. ६८७; महापोंडरीयत्त [महापुण्डरीकत्व] श्वेत भणप सूय. ६८६; महापोंडरीयदह [महापुण्डरीकद्रह] खेड द्र ठा. २११; महापोंडरीयद्दह [महापुण्डरीकद्रह] द्रर ठा. ८८,५७३; महाफल [ महाफल] भोटो साल भग. १३२; निर. ७; दस. ३७७; उत्त. ३०६; महाबल [महाबल] अत्यंत जणवान् पराभी, વિશેષ નામ ठा. ८६, ४२८,७०२, ७२७,८७२; सम. ३२७,३६९,३८०; For Private & Personal Use Only भग. १२३,१५२: नाया. २१४: राय. ३३; जीवा. ९८, १७२,२००, ३३७, पण्हा. १९: पन्न. २०५, २१७,२२६; सूर. ११६, १९४, १९५; जंबू. १३,७६,८१,८४,९०,१२६; www.jainelibrary.org

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