Book Title: Agam Kaha Koso evam Agam Nama Koso
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Shrut Prakashan Nidhi

View full book text
Previous | Next

Page 15
________________ P.47,48, || आगम कहा कोसो ૧૫ उदायन (उदायन) औसांबीना २०% सतानीय कक्कि (कल्किन्) पाउसि पुत्रमा थनारो मे भने २रा मिगावई नो पुत्र.तने उदयन || दुर-रौद्र २0% 2.51 પણ કહે છે. ___P 47, || कच्छुलनारय (कच्छुल्लनारद) सौरियपुरना उदायन (उदायन) सिंधु सौवीरन वीतमय || जण्णदत्त भने सोमजसा नो पुत्र, माथा नगरनी २0%1, पभावती तेनी पत्नी हती || दोवई था अंतर्गत आवे छे. तेने नारद हुमो उदायन-२, तेने उदाइन भने उद्दायन | | ५९ 5 छ. हुमो. नारद-१ 251,105, ५९ छे. कट्ठ (काष्ठ) मे वेपारी, तेनी पत्नी-नाम उदिओदअ (उदितोदय) पुस्मितासनी २%1, || वज्जा तुं. ___P 51,147, सिरिकता तेनी पत्नी हती. तेना उइओद, || कण्ह (कृष्ण) भरतक्षेत्रमा थयेट। नवमां उदिओदिअ, उदितोदय, अने ओदितोदवासुहे. ते वासुदेव, केसव, केसि, महारह, નામ પણ છે. 2.48,49 || वीससेन, हरिकुलपहु नामे ५९ अध्यातछे. उप्पल (उत्पल) (म०पाचन शापान में P.52,61,134,155,185 साधु, ४ पछी थी निमित्त जनेस शुमो || -तेना पूर्वमम ते गंगदत्त ता. 2.65, उप्पल-१ 248, || - माविमा ते अमम तीर्थ४२ थशे. P.38, उसभ (ऋषभ) मा योवीसीना पहेला || कत्तपुन्न (कृतपुन्य) २१४] डीन थापती तीर्थं४२, तेनो उसह, कोसलिअ भने || धनावह नो पुत्र P.53, उसभसामि नामे ५९ सेपछ.P.49,63, || कत्तवीरिय (कृतवीर्य) हस्तिनापुरना २% - તેના વિવિધ પૂર્વભવોમાં ધન અથવા | अनंतवीरिअ नो पुत्र. 2.53, वइरजंध (हुमो धन-८), महब्बल (हुमो कत्तिअ (कार्तिक) हस्तिनापुरना मे महब्बल-६), ललियंग, वइरनाभ माहि શ્રેષ્ઠી, મરીને શક્રેન્દ્ર થયો. જુઓ पेट थामी ५९॥. P.49,92,132,145,146, || कत्तिअ-१ P 53, - (म. उसभ न था साथे संजायेस पे || कमलामेला (कमलामेला) बारावई नी में थान: २१% भारी, सागरचंद नी पत्नी 2.54, . सुनंदा (सुनन्दा) उसभ नी पत्नी मने करकंडु (करकण्डु) यंपानगरीन सुंदरी-बाहुबली नी माता, ॐने नंदा ५९५ || दधिवाहन मने सी पउमावई नो पुत्र 5 छ. हुमओ नंदा-६ P101,174, तेने अवकिण्णपुत्त भने अवइण्णग ५९॥ बंभी (ब्रह्मी) उसभनी पुत्री. P. 120, || छ.ते प्रत्येशुद्ध था. 255,41 ० मरुदेवी (मरुदेवी) Ho उसभ न। माता कविल (कपिल) औसांनी न पुरोहीत ने मरुदेवा ५५ डेछ. 2131, || कासव अने, जसा नौ पुत्र, पछीथी पिल एलासाढ (एलाषाढ) धूताज्यानन। यार| वली यया. हुमो कविल-२ 55, धूतामांनो मे. .50, || कविल (कपिल) सार्य सुहिय न शिष्य कंडरिअ (कण्डरीक) पुंडरीकीसी ना २% || हुमो कविल-४ 255, महापउम भने २५ पउमावई नो पुत्र तेनो | कविलबडुअ (कपिलबटुक) महावीर कंडरीअ, कंडरीय, कोंडरीक नामे ५९ || Bथा अंतर्गत् ॥ स्थान छ. २००४]ही न लेपछे. P50,62 || मे प्रानो शिष्य, पूर्व मम ते साड કથાકોશની દરેક કથાના આગમસંદર્ભ તથા સંક્ષિપ્તકથા નાનોસ વિભાગમાં જોવા. Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

Loading...

Page Navigation
1 ... 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134 135 136 137 138 139 140 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150 151 152 ... 208