Book Title: Vaidyasara
Author(s): Satyandhar Jain
Publisher: Jain Siddhant Bhavan

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Page 18
________________ ५८ नवज्वर पर नवज्वरहर वटिका ५९ पारदादि योग ६० पाण्डुकामलादि पर उदयभास्कर रस ६१ पाण्डुरोग पर मण्डूर त्रिफलावसु ६२ पित्तदाह पर धान्यादि योग ६३ पित्तदाह पर दूसरा योग ६४ पित्तरोग पर चन्द्रकलाधर रस ६५ पूर्णचन्द्र रसायन ww. ६६ प्रदशदि पर पंचबाण रस ६७ प्रमेहचन्द्रकला रस ६८ प्रमेह पर द्वितीय पंचवक्त्र रस... ६९ प्रमेह पर प्रमेह गजकेसरी रस ७० प्रमेह पर वंगमस्म ७१ प्रमेह पर वंगेश्वर रस ७२ प्रमेह पर मेहबद्ध रस ७३ प्रमेह पर मेहारि रस ७४ प्रमेह पर राजमृगांक रस ७५ प्रमेहादि पर कर्पूर रस ७६ बहुमूत्र पर तारकेश्वर रस ७७ भगंदर पर रसादि योग ७८ भेदिज्वरांकुश रस ७९ मन्दाग्नि पर उदयमार्तण्ड रस ८० मन्दाग्नि पर कालाग्नि रस ८१ मन्दाग्नि पर कालाग्निरुद्र रस ८२ मन्दाग्नि पर बडवाग्नि रस ८३ मन्दाग्न्यादि पर अमृत गुटिका ८४ मूत्रकृच्छ्र पर कृच्छ्रांतक रस ८५ मूत्रकृच्छ्रादि पर वंगेश्वर रस ८६ रक्तदोष पर तालकेश्वर रस ८७ रक्तपित्तादि पर चन्द्रकलाधर रस ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ ::::: Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat ⠀⠀⠀⠀⠀⠀ ⠀⠀ :::::::: ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ ... ... ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ ::::::: ... ... 800 ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ ३०० ::::::: ::::: पृष्ठ सं० १६ ११० ... *** ... ... 0000 ... ... ... 010 000 090 ... 000 900 ००० ३८ १०३ १०८ १०८ ५८ ~ ~ ~ ~ x m ~ 20 m v m x ९८ ५३ ३१ ४३ २४ ३ ८१ ७४ ७३ ८ ३ २५ ३६ २६ ܚ ४९ 000 २५ ४७ ५३ ६२ २५ ८८ .७ www.umaragyanbhandar.com

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