Book Title: Prakrit Vidya Samadhi Visheshank
Author(s): Kundkund Bharti Trust
Publisher: Kundkund Bharti Trust

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Page 5
________________ O :: : (अनुक्रम लेखक क्र. शीर्षक पृष्ठ सं. 101. मंगलाचरंण : आचार्यश्रीशान्तिसागरस्तोत्रम् आचार्य कुन्थुसागर (02. सम्पादकीय : साधना का अभीष्ट डॉ. सत्यप्रकाश जैन, दिल्ली 03. अनेकान्तवाद से आतंकवाद-निवारण आचार्य विद्यानन्द मुनिराज 04. समाधि और सल्लेखना उपाध्याय निर्णयसागर 05. सल्लेखना आत्मकल्याण है आर्यिका बाहुबली माताजी 06. सल्लेहणा थुदि डॉ. उदयचन्द्र जैन, उदयपुर 07. जैनदर्शन में सल्लेखना : एक अनुशीलन डॉ. दरबारीलाल कोठिया, बीना 08. आत्म-साधना का शिखर : समाधिमरण . डॉ. देवेन्द्रकुमार शास्त्री, नीमच 34 (09. सल्लेखना : जिज्ञासा और समाधान प्रो. सुदर्शन लाल जैन, वाराणसी 39 10. तत्त्वार्थसूत्र एवं श्रावकाचारों में सल्लेखना डॉ. जयकुमार जैन, मुजफ्फरनगर 46 11. मृत्यु के गीत रामधारी सिंह 'दिनकर' 12. जीवन साधना का फल : आत्मधर्म की प्राप्ति पं. जगन्मोहनलाल शास्त्री, कटनी 57 13. मृत्यु महोत्सव भारी श्री नीरज जैन, सतना 14. आत्मोत्थान में सल्लेखना की भूमिका ___ डॉ. राजेन्द्र कुमार बंसल, अमलाई - 71 15. सल्लेखना-विधि - पं. नाथूलाल शास्त्री, इन्दौर 10. समाधि और सल्लेखना पं. रतनचन्द भारिल्ल, जयपुर 40 17. हर बार बदल देता मधुबन पं. विनय कुमार पथिक, मथुरा 86 18. सल्लेखना और समाधिमरण प्रो. प्रेम सुमन जैन, उदयपुर 88 19. जैन पुराणों में प्रतिपादित सल्लेखना डॉ. कस्तूरचन्द्र सुमन, श्रीमहावीरजी 99 20. वीर मरण : कुछ विचार डॉ. निर्मलकुमार फडकुले, सोलापुर 103 21. सल्लेखना : सार्वकालिक उपयुक्तता डॉ. सुभाषचन्द्र अक्कोळे, जयसिंगपुर 107 22. जैनेतर दर्शनों में सल्लेखना डॉ. भागचन्द भास्कर, नागपुर 112 23. सिद्ध नाम सत्य है श्री मिश्रीलाल जैन, गुना 117 24. मरण : एक निश्चित स्थिति डॉ. सुरेशचन्द्र जैन, दिल्ली / / 8 25. सल्लेखना क्यों? और कब? डॉ. कपूरचन्द जैन, खतौली 122 26. जैनसंघ में सल्लेखना का इतिवृत्त डॉ. कामताप्रसाद जैन, अलीगंज 126 27. जैन शिलालेखों में सल्लेखना डॉ. रमेशचन्द जैन, बिजनौर 131 28. जब प्राण तन से निकलें 143 29. समाधिमरण : जीवन-सुधार की कुंजी पं. रतनलाल कटारिया, केकड़ी 144 प्राकृतविद्या-जनवरी-दिसम्बर (संयुक्तांक) '2004 003

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