Book Title: Prachin Jain Itihas Sangraha Part 04 Jain Dharm ka Prachar
Author(s): Gyansundar Maharaj
Publisher: Ratnaprabhakar Gyanpushpamala

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Page 2
________________ । जैन इतिहास ज्ञान भानू किरण ® श्री रत्नप्रभ सूरिश्वर पाद पद्मभ्योनमः । प्राचीन जैन इतिहास संग्रह ___ (चतुर्थ भाग) [ जैन धर्म का प्रचार ] श्री जैन पोरवाल च लेखक ... पाडीव (राज मुनि श्री ज्ञानसुन्दरजी महाराज जैन ज्ञान भंडारे -:*: प्रकाशक श्री रत्नप्रभाकर ज्ञान पुष्पमाला .. मु० फलोदी (मारवाड़) वीर सं० २४६१] श्रोसवाल सं० २३६१ [वि० सं० १६६१ प्रथमावृत्ति १०००

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