Book Title: Epigraphia Indica Vol 21
Author(s): Hirananda Shastri
Publisher: Archaeological Survey of India
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No. 40.)
KOLAGALLU INSCRIPTION OF KHOTTIGA; SAKA 889.
265
52 [वसुधादेवप(प्रि)याया53 [नि] [१५]
Third Face. 54 [] होपर(रि) तथैवार्को वैधा विधर्म55 वरस्तडागमठिकावाप्यष्पार्वती 56 च विनायकः ॥[१५] [स] पृष्ठे स्थापिता: ] कीर्ति57 विदिता खर्गवासिना [0] यस्याबतिष्ठा 58 देवानां बता पामेन धीमता [१७] सुरे59 भुवने कीर्ति गायस्थसरसस्म80 दा [*] जयत्यसो कपर्दी च मृगांकव61 दनो मुनिः । [१८] राज्यं श्रीखामिन[:] खा 62 ने विडियोपकारक [*] दुर्भिचमझ63 कुवत यथा वैरोचनो बलिः ॥[१८] खा 84 मिमहारकास्वायं वरामचिर66 तमः [*] बातो] न दत्ता वसुधा पथ60 वृत्वा विशेषतः [२०] महीत्वा परिमि67 ता(प्रमिता) दत्ता भूमिर्या सतिखोदका [1] विप्रे68 भ्यस्मा नहर्तव्या सामा(मा)न्यो धर्मसा- . 69 गरः [२१] श्रीकर्मारकुलाध्यहिज70 वरपामस्तु(पामातु) तर्कारितो निष्क्राम्य का. 71 मनिर्मलसमभवत्तनिवृषिच्च72 डितस्तत्त्वप्रथितः चितावतिव(ब)73 सस्तस्मादभूदय(घ)सुतस्तेन बीम74 धुसूदनाख्यकविना शस्ता प्रय- . 75 स्तिः लता ॥[२२]
Fourth Face
78 गदाधरण सहित 77 बचा प्रीतिष्कपर्दि78 नः [*] तथान्येरपि क79 तव्या भविषन(ब)80 चारिभिः ।[२१]

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