Book Title: Anusandhan 2020 02 SrNo 79
Author(s): Shilchandrasuri
Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad

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Page 89
________________ अनुसन्धान-७९ श्रीफल फोफल पानमांहि रूपइआजी, आपइ सोमउ साह मंडपि रहीआजी, श्रीमल साह आवास महउछव राजिजी, पंचसबद नीसांण नीसदन वाजइजी. देस देसना संघ पार न लहीइजी, मुनी मला सि-सात माजनइ कहीइजी, इंम संघ चतुरविधमांहि श्रीपूज्य सोहिजी, श्रीमल साह आवास मनडुं मोहइजी. लोक मला तीहां थोक उभा ओलिजी, माणसनु नहीं पार न माइ पोलिजी, तीहां वाचक बिठा पांच श्रीगुरु पासिजी, श्रीविमलहर्ष उवझाय मन उल्लासइजी. श्रीकल्याणविजइ उवझाय बुधि-भंडारजी, लबधिसागर सास्त्र वीचार जाणि सारजी, श्रीसोमविजय उवझाय उपसम भरीउजी, संयमश्रीसुं प्रीति तारण तरीउजी. श्रीनंदविजय उवझाय दुलति दीपइजी, वादी तणा ने बंद तेहनि जीपइजी, वीबुधमांहि वीख्यात धर्मधोरीजी, धनवीजय भलुं नाम मति-गोरीजी. वीबुध-वडा वजीर रंगवीजइजी, श्रीपुज्य चलणे चीत नीसदिन भजइजी, मुनी गणि गुणवंत श्रावक सुणीइजी, संघवी उदयकरण सोमकरण संघमुख्य भणीइजी. तेजपाल साह श्रीवंत उधार कीधउजी, श्रीसेजइ सार जगि जस लीधुजी, पारख्य राजीआ वजीआ रंग रूडो राखिजी, ठार कीका काला हीर प्रतिष्ठा भाखिजी. १७४

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