Book Title: Anusandhan 2006 02 SrNo 35
Author(s): Shilchandrasuri
Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad

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Page 74
________________ फेब्रुआरी - 2006 67 पधार्या शूरा शब्दकोष कडी लीटी शब्द अर्थ अभयकुमार स्वाध्याय प्रथम पंक्तिमां वे वे बेबे वेरण वहोरवा पागुर्या अणशरी अणसणी-उपवासी सावतवा सामंतो सूरवां सस्तर . शस्त्र : शील स्वाध्याय : वांधीयो वध्यो चलणी चाळणी फीट फीटी-मटी गई थाठ : अरणक सिज्झाय : गरभाकी गरबाकी वेसें वेश्याए अविलाचे अभिलाषाओ तसलीम स्वागत (?) चत्रसाली चित्रशाला चोपाट ध्रगध्रग धिग् धिग् भवदधि भवोदधि-भवसागर : आरती : भेवा अष्टमहाप्रतिहारज ८ महाप्रातिहार्य, जैन तीर्थंकरनी समृद्धिओ. ठाठ चोपड ro o wuar as भेद Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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