Book Title: Vinay Bodhi Kan
Author(s): Vinaymuni
Publisher: Shwetambar Sthanakwasi Jain Sangh

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Page 312
________________ को देखते हुए सही है। युवा पीढ़ी के प्रश्नों का समाधान हेतु सुन्दर प्रयास है। न. सुगनचंद जैन, दीप्लीकेन चैन्नई -५ अंकल संस्कृति बड़े बुजुर्गों का चरण स्पर्श करना, भारतीय संस्कृति की पहचान है। अपनी प्यारी मातृभाषा मारवाड़ी में श्री विनयमुनिजी म. सा द्वारा जिनवाणी श्रवण के अमृतपान से प्रसन्नता हो रही है। यह पुस्तक एक बहुत ही महत्वपूर्ण कृति है। महेन्द्र एच. सिंघी, हुबली ( कर्ना) 'विनय बोधि कण' की दो प्रति सुशील बहु मंडल के प्रधान विजयाजी मल्हारा को दे दी गई है। सभी ने बहुत ही सराहा है। बहु मंडल की सभी सदस्याओं को बहुत ही अच्छी लगी। आपका अनंत उपकार है। कुछ स्वाध्याय किया है उसमें से कई क्या बहुत सी बातें पहली बार ही जानी है। जलगाँव संघ द्वारा बहुत बहुत बधाइयाँ । सौ. भारती अरविंदकुमारजी बाफना जलगाँव (M.S) सन्तों की इस परम्परा में इस काल में युगादिदेव ऋषभदेव से लेकर आज तक सहस्रों महापुरुष हो गये, जिन्होंने अपनी वाणी से कृतियों से समाज का पथ प्रदर्शन किया। उसी कड़ी में एक नाम जुड़ जाता है पूज्य श्री विनय मुनिजी म.सा खींचन का 'विनय बोधि कण' के चौथे भाग का प्रत्येक शब्द गुणों को देने वाला है। गुणरागी सुश्री अनिताजी सुपुत्री श्री विजयराजजी सुराना ने बाणी के अंशो को संकलित कर यशोपार्जन किया। विमलकुमार चोरड़िया स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व सांसद व विधायक, भानपुरा (म.प्र) कोठारी सा से निवेदन है कि 'विनय बोधि कण की पांच पुस्तकें भिजवाने की कृपा करावें पुस्तक अति उत्तम है। सुभाष ओसवाल, उपाध्यक्ष जैन कॉन्फ्रेंस, दिल्ली I deeply convey my heartfelt thanks, in regard to the sending of above useful religious matter. I also take this opportunity to enquire that whether i had to send any amount in reciprocation of this mearit to be precious collection for me. 'Vinay Bodhi Kan' is best book. AvinashChordia Natial President Shri AISSJ Conference - Delhi Further we request you to note that we are requiring 450 (Four Hundred Fifty) Gujarati Vinay Bodhi Kan' Books to distribute in Gujrat. Hence arrange to send the 450 books as and when printing works get over. Thanking You, Yours' truly Dinesh N. Sheth Sthanakwasi Jain Sangh Navragpura, Ahemdabad-9 'विनय बोधि कण' श्रेष्ठतम कृति है। पुस्तक पढ़कर समीक्षा 'लोकमत' में दी जाएगी। विजय दर्डा, सांसद (राज्यसभा) नागपुर (M.S) पुस्तक ज्ञान अभिवृद्धि में सहायक ही नहीं बल्कि श्रेष्ठ है। ज्ञान अभिवृद्धि के इस महान यज्ञ में आप व आपकी संस्था सदैव गतिशील रहे। 288 गौतम पारख, राजनांदगांव (CG) क्या नया ढंग, नई सोच, नई नवेली की रूप सज्जा व आदर्श Booklet हस्तलिखित प्रकाशन किया। एक अभूतपूर्व कार्य श्रीसंघ गणेशबाग ने किया है। " विनय बोधि कण संयुक्त चारों भाग वाला प्राप्त करके मैं सदैव आपका चिर ऋणी रहूँगा स्वाध्याय हेतु शास्त्रोंका अमृत ग्रन्थ में है। पढ़ भी रहा हूँ जीवनमें उतारने की कोशिश भी है। दक्षिण भारत में महाराज श्री जो कर रहे है वैसा काम तो राजा अशोक नहीं किया होगा। ऐसे प्रान्त जो धर्म से अछूते रहे वहाँ पर पूज्य महाराज श्री ने जो कुछ किया है, आपकी थाती बन गई। बहुत वर्षो पहले घनश्यामदास बिड़ला ने "गीता" की बढ़िया प्रतियें छपवाकर हर पाँच व तीन तारा होटलों के कमरों में फ्री गिफ्ट के तौर पर भेजकर सारे भारत में प्रचार करवाया था। उसी तरह 'विनय बोधि कण' ग्रन्थ की प्रतियें हर लाईब्रेरी में अवस्य भेंट कर भिजवायें। आने वाली पीढ़ी को 'बोधि कण' प्रदान करने का यह प्रयत्न गुरुवर को अमरता देगा। स्वाध्याय जिनेन्द्र कुमार जैन दिल्ली सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट, दिल्ली

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