Book Title: Tirthankar Bhagawan Mahavir 48 Chitro ka Samput Author(s): Yashodevsuri Publisher: Jain Sanskruti Kalakendra View full book textPage 2
________________ तीर्थकर भगवान श्री महावीर ४८ रंगीन चित्र तथा उनका गुजराती, हिन्दी और अंग्रेजी भाषा में परिचय । १२ अतिमहत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक परिशिष्ट, २६ मुख्य पूर्वभवों का प्रेरक परिचय और ४८ चित्रों की आलोचनात्मक मार्मिक समीक्षा, ये सभी बाबतें गुजराती, हिन्दी और अंग्रेजी भाषा में दी गई है । तथा पट्टियाँ ८०, प्रतीक १९६, उसीमेंसे ८० पट्टियाँ और १४४ प्रतीक चित्र गुजराती, हिन्दी और अंग्रेजी परिचय के साथ। यह चतुर्थ आवृत्ति में सभी विभाग तीनों भाषा में प्रकाशित हो रहा हैं । चित्रकार गोकुलदास कापडिया $ BHAGAWAN MAHAVIRA Fortyeight ornate paintings with their significance in Gujarati, Hindi and English. Twelve very important historic appendices, twentysix main cycles of previous birth with its inspiring illustrations, critical appreciation of fortyeight pictures, all with their explanations in Gujarati, Hindi and English languages are depicted. Eight artistic designs, one hundred and ninetysix images are shown, out of which eighty designs and one hundred fortyfour illustrative pictures with the explanatory notes in Gujarati, Hindi and English depicted. In this fourth edition all parts are published in all the above three languages. are * Artist * GOKULDAS KAPADIA Jain Education International TIRTHANKAR लेखक, संयोजक, संपादक मुनिश्री यशोविजयजी (वर्तमानमें आचार्य श्री यशोदेवसूरिजी ) @ मा. श्री कैलासeriरसुरि ज्ञानमदिर For Pen महावीर केन्द्र कोमा, (गांधीनगर) पि. १८२००९ Composed Compiled by MUNISHRI YASHOVIJAYJI (Achary Shri Yashodevsuriji) ॐ AAM www.jainelibrary.orgPage Navigation
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